वाह उत्तराखंड पुलिस…सिर्फ एक मोबाइल ऐप से ढूंढ निकाले 5 लाख रुपये के स्मार्टफोन
Apr 6 2018 3:35PM, Writer:कपिल
सिंघम फिल्म तो आपने देखी ही होगी। उस फिल्म में एक डॉयलॉग है कि अगर पुलिस अपने सही काम पर उतर जाए तो कोई चोर मंदिर से एक चप्पल भी नहीं चुरा सकता। बात काम की है और काम को पूरा करना ही वर्दी का फर्ज भी है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले की पुलिस ने अपने काम से इस बात का सबूत भी दिया है। दरअसल तीन महीने पहले ही नैनीताल पुुलिस ने एक मुहिम शुरू की थी। काम थोड़ा मुश्किल जरूर था लेकिन असंभव नहीं था। पुलिस के पास लोगों के फोन खोने की शिकायतें कुछ ज्यादा ही आ रही थी। इसके बाद पुलिस की तरफ से एक शानदार पहल शुरू की गई। कमाल की बात तो ये है कि ये शानदार मुहिम अब अपना असर भी दिखाती नजर आ रही है। सिर्फ एक मोबाइल ऐप्लीकेशन और अपनी चौकसी की बदौलत पुलिस ने ये कर दिखाया है।
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दरअसल नैनीताल पुलिस की तरफ से एक मोबाइल एप शुरू की गई थी। इस ऐप्लीकेशन पर लोग अपने खोए हुए मोबाइल की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हैं। इसके बाद पुलिस इन मोबाइल की तलाश में जुट जाती है। इस मोबाइल ऐप में आपको अपने मोबाइल से जुड़ी तमाम जानकारियां डालनी होंगी। हैरानी की बात तो ये है कि तीन महीने पहले शुरू कीू गई इस मुहिम का असर दिख रहा है। बीते तीन महीने में पुलिस ने करीब 150 मोबाइल को ट्रैक कर लिया। इन मोबाइल की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। नैनीताल के एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के मुताबिक ये एक शानदार पहल है। खास बात ये है कि पुलिस द्वारा शुरू की गई इस एप्लीकेशन में मोबाइल खोने की 600 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
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600 शिकायतों में से पुलिस 240 का निस्तारण कर चुकी हैं। इसके अलावा करीब 400 शिकायतों पर पुलिस एक्शन ले रही है। सिर्फ तीन महीने के प्रयास में पुलिस ने अभी तक 150 से ज्यादा मोबाइल बरामद कर लिए है। जिनकी कीमत 5 लाख रुपए से ऊपर की है। ये एक अच्छी खबर कही जा सकती है।