तुंगनाथ और मदमहेश्वर के कपाट मई में खुलेंगे, 2 मिनट में पढ़िए ये अच्छी खबर
Apr 14 2018 12:06PM, Writer:दीपिका
देवभूमि उत्तराखंड के आराध्य देव भगवान तुंगनाथ और भगवान मदमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है। कपाट खुलने का दिन बैशाखी के पावन पर्व पर श्री ओम्कारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में दस्तूरदार आचार्यों, पुजारियों की उपस्थिति में निश्चित हुआ। इस बैठक में निश्चित किया गया है कि भगवान तुंगनाथ के कपाट 2 मई को सुबह 10.30 बजे खुलेंगे। उत्तराखंड के पंच केदारों में से एक तुंगनाथ मंदिर अन्य केदारों से अलग ही महत्व रखता है। ये मंदिर विशेष महत्ता इसलिए रखता है क्योंकि ये स्थान भगवान राम से भी जुड़ा हुआ है। कहते हैं कि यहां भगवान रामचंद्र ने अपने जीवन के कुछ क्षण एकांत में बिताए थे। दुनिया के सबसे ऊंंचा शिव मंदिर है तुंगनाथ। यहां चंद्रशिला मौजूद है। रावण का वध करने के बाद रामचंद्र ने चंद्रशिला पर आकर ध्यान किया था।
यह भी पढें - उत्तराखंड का ‘अद्भुत’ मंदिर...इसे कहते हैं ‘भोलेनाथ’ की तपस्थली!
यह भी पढें - देवभूमि के द्वितीय केदार, जहां महादेव के लिए मर्यादा पुरुषोतम राम ने किया तप
अब बात मदमहेश्वर की करते हैं। 21 मई 2018 को सुबह 11:30 बजे खुलेंगे श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट खुलेंगे। भगवान की उत्सव डोली 18 मई को श्री ओम्कारेश्वर मंदिर गर्भगृह से बाहर आकर सभामंडप में रहेंगी। 19 मई को ऊखीमठ से रांसी गांव के लिए डोली रवाना होगी। इसके बाद 20 मई को रांसी से गोंडार गांव, 21 मई गोंडार गांव से प्रातः प्रस्थान कर डोली मदमहेश्वर पहुचेंगी। इसी दिन प्रातः 11:30 बजे श्री मंदमहेश्वर मंदिर के कपाट इस यात्राकाल 2018 हेतु खोले जाएंगे। इस साल श्री मदमहेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी श्री शिवशंकर लिंग हैं। उत्तराखंड के पांच केदारों में एक है मदमहेश्वर। यहां आकर आपको लगेगा कि सच में आप भगवान भोलेनाथ के घर में हैं। बेहतरीन नजारों और खूबसूरत वादियों में बसे इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।