पहाड़ के वीर सपूत को आज मिलेगा कीर्ति चक्र, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देंगे सम्मान
Apr 23 2018 10:01AM, Writer:आदिशा
उत्तराखंड के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। आज उत्तराखंड के लाल को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाना है। क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों इस वीर सपूत को सम्मानित किया जाना है? इसकी एक खास वजह है। चमोली जिले के पीपलकोटी के रहने वाले हैं मेजर प्रीतम कुंवर। आज अदम्य साहस और वीरता के लिए राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना है। आपको बता दें कि भारत में शांति काल के दौरान दिया जाने वाला सर्वोच्य वीरता का पदक कीर्ति चक्र है। ये सम्मान सैनिकों को असाधारण वीरता, या बलिदान के लिए दिया जाता है। महावीर चक्र के बाद कीर्ति चरक्र ही दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है। गढ़वाल राइफल के मेजर प्रीतम सिंह कुंवर के साथ साथ CRPF के कमांडेंट चेतन कुमार चीता को ये सम्मान दिया जा रहा है। अब आप ये भी जानिए कि आखिर क्यों मेजर प्रीतम सिंह कुंवर को ये सम्मान दिया जाएगा।
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जब सीमा पर आतंकियों ने बवाल मचाया था। लेकिन गढ़वाल राइफल के इस मेजर ने अपने कार्यक्षमता के जरिए साबित कर दिया कि आतंकियों की हर चाल पर पहाड़ी ही भारी पड़ते हैं। 26 मई 2017 का वो दिन। जब उडी सेक्टर में 4 गढ़वाल राइफल ने जबरदस्त साहस और शौर्य का परिचय दिया। सेना को पहले ही खबर मिल गई थी कि उस पार से कुछ आतंकी घुसपैठ कर रहे हैं। मेजर प्रीतम सिंह कुंवर के नेतृत्व में 17 सदस्यीय टीम आतंकियों का खात्मा करने चल पड़ी। एक एक कर आतंकवादियों को ढूंढकर मारा गया। लंबी मुठभेड़ के बाद 8 आतंकवादियों को मार गिराया था। मेजर प्रीतम के कुशल नेतृत्व ने साबित कर दिया कि भारतीय सेना के आगे आतंकियों की हर चाल नाकाम हो जाती है। मेजर प्रीतम सिंह कुंवर के पिताजी नरेंद्र सिंह कुंवर भी सेवानिवृत्त सुबेदार मेजर हैं। जो भारतीय सेना में रह चुकें हैं।
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उनकी मां रूकमणी देवी गृहणी हैं। मेजर प्रीतम सिंह कुंवर को जब कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा तो हर उत्तराखंडी का सीना गर्व से चौड़ा होगा। आज भी मेजर की ये शौर्यगाथा सेना का जवान गाता है। मेजर प्रीतम सिंह कुंवर के बारे में कहा जाता है कि वो बेहद ही शार्प शूटर हैं। उनका निशाना कभी खाली नहीं जाता। इसके अलावा उनके बारे में कहा जाता है कि उनकी प्लानिंग का दुश्मनों के पास कोई तोड़ नहीं होता। कब और कैसे दुश्मन को चारों तरफ से घेरना है, कब दुश्मनों पर हमला बोलना और कब उन्हें मौत की नींद सुलाना है, ये सब कुछ मेजर प्रीतम सिंह कुंवर के दिमाग में रहता है। आतंकियों पर मौत बनकर बरसने वाले इस मेजर के आगे देश के दुश्मन खौफ खाते हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उत्तराखंड की वीरभूमि में कैसे कैसे वीर पैदा होते हैं, जो अपने शौर्य से इतिहास रचना जानते हैं।