जय उत्तराखंड: हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर डाक टिकट जारी करेगी मोदी सरकार
Apr 24 2018 12:14PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के लिए एक बेहतरीन खबर है। राज्य के कद्दावर मंत्री रह चुके हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर मोदी सरकार डाक टिकट जारी करने जा रही है। आपको बता दें कि 25 अप्रैल को स्वर्गीय बहुगुणा का जन्म हुआ था। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस डाक टिकट को लॉन्च करेंगे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। स्वर्गीय बहुगुणा के पुत्र और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस बात की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास 7 रेस कोर्स रोड में होगा। अब आपको ये भी बता देते हैं कि आखिर हेमवती नंदन बहुगुणा कौन थे। इस बारे में भी जानिए।
यह भी पढें - अब इलाज के लिए पहाड़ से देहरादून नहीं जाना पड़ेगा, 2 हफ्ते में 421 डॉक्टर तैनात होंगे !
25 अप्रैल, 1919 को पौड़ी जिले के बुधाणी गांव मेंहेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म हुआ। डीएवी कॉलेज से उनकी पढ़ाई हुई थी। इस दौरान वो लाल बहादुर शास्त्री के संपर्क में आए थे। इसके बाद 1936 से 1942 तक वो छात्र आंदोलनों में शामिल रहे थे। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें लोकप्रियता दिला दी। कहा जाता है कि उस वक्त अंग्रेजों ने उन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर 5 हजार रुपये का ईनाम रखा था। 1 फरवरी 1943 को दिल्ली में हेमवती को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 1945 में वो जेल से छूटे तो अंग्रेजों के लिए आफत बन गए। इसके बाद वो उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो गए। 1952 से वो लगातार उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सदस्य रहे। हालांकि इस वो सरकार की अनदेखी का शिकार भी हुए, इसका नतीजा सरकार को ही भुगतना पड़ा।
यह भी पढें - उत्तराखंड के शहीदों की याद दिलाएगा ‘शौर्य स्थल’, इस जुलाई गौरवान्वित होगी देवभूमि
इसके बाद हेमवती नंदन बहुगुणा 1974 में यूपी के सीएम भी रहे। 1977 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बगावत कर दी। उन्होंने जगजीवन राम के साथ मिलकर कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी पार्टी तैयार की थी। उस चुनाव में उनकी पार्टी को 28 सीटें मिली थी। इसके बाद पार्टी ने जनता दल में अपना विलय कर लिया। बाद में हेमवती नंदन बहुगुणा को देश का वित्त मंत्री भी बनाया गया था। बहुगुणा रोज अखबारों के अलावा मेनस्ट्रीम, इकॉनमिक एंड पॉलिटिकल वीकली, टाइम और इकॉनमिक टाइम्स पढ़ते थे। वो एक बेहतरीन वक्ता थे। देश की तेल समस्या, खाद्यान समस्या, कानून व्यवस्था, विदेश नीति, कम्युनलिज्म, माइनॉरिटीज प्रॉब्लम्स और इतिहास पर घंटों तक बोल सकते थे। उनके भाषण हमेशा तथ्यों से भरपूर रहते थे।