IPL का सुपरस्टार बना ये उत्तराखंडी, सचिन और विराट जैसा जुनून...कपिल देव जैसा जज्बा
May 11 2018 1:40PM, Writer:शैल
कल रात के आईपीएल 2018 के एक मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने मेजबान दिल्ली डेयरडेविल्स को 9 विकेट से शिकस्त, भले ही मैच हैदराबाद ने अपने नाम कर दिया हो लेकिन उत्तराखंड के इस युवा लेफ्टी बल्लेबाज ऋषभ पंत ने जीत लिया। आईपीएल के इतिहास में ऋषभ पंत सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की फेरहिस्त में नंबर 1 बन गए हैं। ऋषभ पंत ने नाबाद 128 रन बनाए। पंत ने ये 128 रन 63 गेंदों पर 15 चौकों और सात छक्को को ठोककर बनाये। ऋषभ सचिन तेंदुलकर के फेवरेट क्रिकेट खिलाडियों में से एक हैं। पंत ने अपने क्रिकेटिंग कैरियर के शुरुवाती दौर में एक आम संघर्षरत युवा की तरह बसों के धक्के भी खाए हैं, गुरूद्वारे में खा कर अपनी प्रैक्टिस जारी रखी और आज उत्तराखंड का ये युवा आये दिन नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। साथ ही अपने पहाड़ का भी नाम रौशन कर रहा है। ऋषभ का संघर्ष जानकार कोई भी इस प्रतिभाशाली क्रिकेटर को सलाम करेगा।
यह भी पढें - Video: IPL में उत्तराखंड के ऋषभ पंत का धमाका, 63 गेंदों में कूटे 128 रन
यह भी पढें - IPL में उत्तराखंडियों का जलवा, इस बार सबसे महंगा खिलाड़ी भी पहाड़ी है

दरअसल पिछले साल चार अप्रैल को ऋषभ के पिता का देहांत हो गया था। तब ऋषभ 20 साल के थे और दिल्ली डेयरडेविल्स की और से आईपीएल खेल रहे थे। इस वाकये ने तब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाडियों सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की याद दिला दी जब पिता के अंतिम संस्कार के बाद ऋषभ वापस आये और अगले ही मैच में धमाकेदार पारी खेलकर अपने स्वर्गीय पिता को श्रधांजलि दी। आईपीएल का वह दौर ऋषभ जिंदगी भर नहीं भूल सकते। महज 20 की उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाना किसी भी युवा के लिए सदमे से कम नहीं हो सकता। ऐसी विपरित परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए जीवट ऋषभ ने न सिर्फ पिता का अंतिम संस्कार किया बल्कि लौटते ही अपनी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के लिये बेहतरीन पारी खेल डाली थी। तब 158 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डेयरडेविल्स की टीम के तीन विकेट 55 रनों पर गिर चुके थे। दिल्ली की टीम मुश्किल में थी, तब ऋषभ पंत क्रीज पर आए।
यह भी पढें - IPL नीलामी में उत्तराखंड का जलवा, सबसे मंहगे साबित हुए ये दो पहाड़ी खिलाड़ी
यह भी पढें - Video: उत्तराखंड का छोरा IPL में फिर बरपाएगा कहर, राहुल द्रविड़ को 100 फीसदी भरोसा

पिता की मृत्यु का दुख, मानसिक दबाव और टीम के लिए विपरीत परिस्थियों के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए 36 गेंदों की अपनी पारी में 57 रन बनाए थे। मन और मस्तिस्क में अपने स्वर्गीय पिता की स्मृतियों के साथ खेली गयी उस तूफानी पारी के बाद ऋषभ पंत ने सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की याद दिला दी थी और मैच के बाद सभी दर्शकों ने खड़े होकर तालियाँ बजाते हुए इस युवा क्रिकेटर का सम्मान किया था। गजब का संयोग है कि यह वाकया इससे पहले विश्व क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के साथ हो चुका है। इसके साथ ही आखरी दम तक हार न मानने का जज्बा ऋषभ के खेल को अगल ही ऊँचाइयों पर ले कर चला जाता है। महान खिलाडी कपिल देव की तरह ही ऋषभ भी मैच के आखिरी क्षण तक संघर्ष करने वाले खिलाडी हैं। शाबाश ऋषभ, उत्तराखंड का नाम ऐसे ही रोशन करते रहो।