उत्तराखंड में दुनिया के 5 सबसे खूबसूरत बुग्याल, यकीन नहीं होता तो ये तस्वीरें देखिये
May 12 2018 8:15PM, Writer:ईशान
देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सुन्दरता के मानकों पर विश्व में अपना विशिष्ठ स्थान रखता है। बॉलीवुड स्टार्स, क्रिकेटर, लेखक, राजनेता और कई बड़ी हस्तियाँ उत्तराखंड आये तो यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता का गुणगान किये बिना नहीं रह सके। इतिहास साक्षी है कि विश्व की तमाम बड़ी हस्तियाँ मन की शान्ति और अनछुयी प्राकृतिक सुन्दरता को महसूस करने देवभूमि उत्तराखंड आती हैं। हिमालय पर्वत की तलहटी में जहां उच्च हिमालयी पेड़-पौधे (टिंबर लाइन) समाप्त हो जाते हैं वहीँ से हरे मखमली घास के मैदान शुरू होने लगते हैं। गढवाल हिमालय में इन मैदानों को बुग्याल कहा जाता है। आम तौर पर ये 8 से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर होते हैं। गढवाल की वादियों में कई छोटे-बडे बुग्याल हैं, इनमें लोगों के बीच जो सबसे ज्यादा मशहूर हैं उनमें बेदनी बुग्याल, पवालीकांठा, चोपता, औली, गुरसों, बंशीनारायण और हर की दून प्रमुख हैं। पंचकेदार यानि केदारनाथ, कल्पेश्वर, मदमहेश्वर, तुंगनाथ और रुद्रनाथ जाने के रास्ते पर कई बुग्याल पडते हैं। राज्य समीक्षा के इस अंक में हम आपको बता रहे हैं उत्तराखंड के 5 सबसे खूबसूरत बुग्यालों के बारे में ...
1. बेदनी बुग्याल

प्रसिद्ध बेदनी बुग्याल रुपकुंड जाने के रास्ते पर पडता है। 3354 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस खूबसूरत बुग्याल तक पहुंचने के लिए के लिए आपको ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, ग्वालदम, मंदोली होते हुए वाण पहुंचना होगा। वाण से घने जंगलों के बीच गुजरते हुए करीब 10 किलोमीटर की चढाई के बाद आप बेदनी के सौंदर्य का लुत्फ ले सकते हैं। इस बुग्याल के बीचों-बीच फैली झील यहां के सौंदर्य में चार चांद लगी देती है। बेदनी बुग्याल प्रसिद्ध रूपकुंड ट्रेक के रस्ते में है।
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2. चोपता बुग्याल

भगवान् तुंगनाथ महादेव के चरणों में स्थित गढवाल उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड कहा जाने वाला चोपता बुग्याल 2900 मीटर की ऊंचाई पर गोपेश्वर-ऊखीमठ-केदारनाथ मार्ग पर स्थित है। यह बुग्याल सुगम है, यहां कोई भी पर्यटक आसानी से पहुंच सकता है। चोपता से हिमालय की चोटियों के नजदीक से दर्शन किए जा सकते हैं। चोपता से ही आठ किलोमीटर की दूरी पर दुगलबिठ्ठा नामक बुग्याल है।
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3. औली बुग्याल

उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ से 12 किलोमीटर की दूरी पर 2600 मीटर की ऊंचाई पर लोकप्रिय औली बुग्याल स्थित है। विंटर गेम्स में स्कीइंग का ये देश का एक बडा सेंटर है। सर्दियों में यहां के ढलानों पर स्कीइंग की जाती है और गर्मियों में यहां के बुग्याल में खिले तरह-तरह के और अलग-अलग रंगों के फूल सैलानियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। औली से ही 15 किलोमीटर की दूरी पर एक और आकर्षक बुग्याल है क्वारी। क्वारी भी अत्यंत दर्शनीय बुग्याल है।
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4. पवालीकांठा बुग्याल

टिहरी जिले में स्थित पवालीकांठा बुग्याल भी ट्रेकिंग के शौकीनों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। टिहरी से घनसाली और घुत्तू होते इस बुग्याल तक पहुंचा जा सकता है। 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह बुग्याल संभवतया गढवाल का सबसे बडा बुग्याल है। यहां से केदारनाथ के लिए भी रास्ता जाता है। कुछ ही दूरी पर मट्या बुग्याल है जो स्कीइंग के लिए काफी उपयुक्त है। यहां पाई जाने वाली दुलर्भ प्रजाति की वनस्पतियां वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय बनी रहती हैं।
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5. दायरा बुग्याल

उत्तरकाशी गंगोत्री मार्ग पर भटवाडी से रैथल या बारसू गांव होते हुए आप दयारा बुग्याल पहुंच सकते हैं। 10500 फीट की ऊंचाईं पर स्थित यह बुग्याल भी जन्नत की सैर करने जैसा ही है। इसकी सुंदरता को केवल वहां जाकर ही महसूस किया जा सकता है। हालांकि हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित इन स्थानों तक पहुंचना हर किसी के लिए संभव नहीं है, परन्तु दायरा बुग्याल पंहुचने के बाद ट्रेकर कुछ देर बाकी दीन-दुनिया को भूलकर इसकी सुन्दरता में खो जाते हैं।