Video: टिहरी झील में पहली बार...बोट पर हुई कैबिनेट मीटिंग, हर जिले के लिए आई खुशखबरी
May 16 2018 4:45PM, Writer:कपिल
इस वक्त उत्तराखंड में सबसे आगे जो उद्योग जा सकता है, वो है पर्यटन उद्योग। अपार संभावनाओं से भरा ये उद्योग अब एक नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। सरकार द्वारा जो ऐलान किया गया, उस पर सही तरह से फोकस किया गया, तो पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। साथ ही रोजगार की अपार संभावनाओं को भी बल मिलेगा। दरअसल त्रिवेंद्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग टिहरी झील में आयोजित की गई। फ्लोटिंग मरीना यानी तैरते रेस्तरां में इस मीटिंग का आयोजन किया गया था। कैबिनेट मीटिंग में उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने पर आखिरी मुहर लग गई। साफ ऐलान किया गया है कि 13 जिले-13 डेस्टिनेशन के फॉर्मूले को आगे बढ़ाया जाएगा। अब आपको ये भी बता देते हैं कि आखिर 13 जिलों में कौन कौन सी डेस्टिनेशन तैयार हो रही हैं।
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धार्मिक पर्यटन के रूप में अल्मोड़ा का कटारमल सूर्य मंदिर तैयार होगा। नैनीताल के मुक्तेश्वर मंदिर को हिमालय दर्शन के तहत तैयार किया जाएगा। पौड़ी में सतपुली और खैरासेंण झील को वॉटर डेस्टिनेशन के लिए तैयार किया जाएगा। चमोली में गैरसैंण और भराणीसैंण को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित किया जाएगा। देहरादून के लाखामंडल को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। हरिद्वार में बावन शक्ति पीठ को थीम पार्क के रूप में स्थापित किया जाएगा। उत्तरकाशी में मोरी और हर की दून को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा। टिहरी में टिहरी झील को इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। रुद्रप्रयाग में चिरबिठ्या को हेरिटेज डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यह भी पढें - सिर्फ उत्तराखंड में ऐसा हो रहा है... सीएम एप पर कीजिए शिकायत, तुरंत हो रही है कार्रवाई
उधम सिंह नगर में गुलर, चम्पावत में देवीधुरा, बागेश्वर में गरुण वैली और पिथौरागढ़ को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इस तरह से 13 जिले-13 डेस्टिनेशन को विकसित किया जाएगा। आप भी सुनिए कि टिहरी झील से सरकार ने क्या ऐलान किया है। ये वीडियो जरूर देखिए।