उत्तराखंड के ‘सिंघम’ प्रदीप बिष्ट को सलाम, खुद गोली खाई लेकिन बदमाशों को भागने नहीं दिया
May 18 2018 8:24PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड वीरों की धरा है। भारतीय सेना में इस धरती के जवानों ने अपने पराक्रम का लोह मनवाया है, तो पुलिस की वर्दी में भी कुछ ऐसे अफसर है, जिनके लिए समाज की सुरक्षा करना ही फर्ज है। इन्हीं में से एक पुलिस अफसर हैं प्रदीप बिष्ट। पुलिस अफसर अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हुए एनकाउंटर के दौरान बदमाशों की हर कोशिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने दो बदमाशों को धर दबोचा। इस दौरान पुलिस इन्सपेक्टर प्रदीप बिष्ट के हाथ में बदमाशों की गोली भी लग गई। इसके बाद भी वो मोर्चे पर डटे रहे और बदमाशों को भागने नहीं दिया। प्रदीप बिष्ट अब हरिद्वार के अस्पताल में भर्ती हैं और परिवार वाले उनके ठीक होने की दुआ मांग रहे हैं। आइए अब आपको बताते हैं कि आखिर कहां और कब ये मुठभेड़ हुई और प्रदीप बिष्ट ने बहादुरी का परिचय दिया।
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दरअसल हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में लक्सर रोड पर कुछ बदमाश मोटर साइकिल को लूटकर भाग रहे थे। इसके बाद पुलिस से इन बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। ये मुठभेड़ देर रात करीब 12 हुई। मुठभेड़ में बदमाशों की तरफ से फायरिंग हुई, तो पुलिस की तरफ से जवाबी फायरिंग हुई। इस दौरान एसओजी प्रभारी प्रदीप बिष्ट को गोली लग गई। इस दौरान एक बदमाश गोली लगने की वजह से घायल हो गया। प्रदीप बिष्ट घायल जरूर हुए लेकिन मोर्चे पर डटे रहे। एक बदमाश के पैरों में लगी गोली है। इस लूट में शामिल एक और बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया है। दोनों ही बदमाश इससे पहले भी लूट की वारदातों को अंजामं दे चुके हैं। प्रदीप बिष्ट घायल जरूर हुए लेकिन उन्होंने वीरता का परिचय देते हुए पूरे देश में अलग ही मिसाल कायम की है।