image: Deepak nainwal daughter said my father become star in the heaven

शहीद दीपक नैनवाल को आखिरी सलाम...बेटी बोली ‘मेरे पापा आसमान में स्टार बन गए’

May 22 2018 11:37AM, Writer:कपिल

क्या गुज़रती है एक शहीद के परिवार पर, जब उसकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपटा हुई घर पहुंचती है। वो पिता ही जान सकते हैं, जिनका जवान बेटा देश के लिए कुर्बान हो गया। वो मां ही ये दर्द समझ सकती है, जिनके बुढ़ापे का सहारा चला गया। वो पत्नी ही ये अहसास समझ सकती है, जिसका जीवनसाथी सात जन्मों का वादा निभाकर चला गया। वो बेटी ही इसे महसूस कर सकती है, जिसके पिता आने वाली पीढ़ी को एक सीख देकर चले गए। जैसे ही शहीद की पार्थिव देह घर पर पहुंची थी, तो कोहराम मच गया था। चीख-पुकारों और करुण क्रंदन के बीच पसरा मातम का माहौल दिल में देशभक्ति की भावना जगा रहा था। दिल बार बार खुद से एक सवाल पूछ रहा था कि आखिर कैसे मतवाले होते हैं ये सैनिक, जिनका लिए देश ही उनका सबसे बड़ा परिवार होता है।
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शहीद दीपक नैनवाल की एक छोटी सी बेटी है, जिसका नाम है समृद्धि। समृद्धि कहती हैं कि ‘मेरे पापा अब आसमान में स्टार बन गए हैं’। जिसने भी ये बातें सुनी, उसकी आंखें भर आई। शहीद के पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन इस उम्र में बेटे के शव को कंधा देना जिंदगी का सबसे बड़ा दुख है। 9-महार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर अजय सिंह शेखावत की अगुवाई में सेना की जवान शहीद की पार्थिव देह को लेकर घर पहुंचे थे।
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जैसे ही पार्थिव देह दीपक नैनवाल के घर पहुंची, तो पूरा इलाका अमर शहीद दीपक नैनवाल अमर रहे के नारों से गूंज उठा। शहीद दीपक नैनवाल के परिवार को भी हमारा प्रणाम है, जिनकी तीन पीढ़ी देशसेवा में गुजर गई हैं। खुद पिता चक्रधर नैनवाल ने 10 गढ़वाल राइफल में नौकरी करते हुए 1971 के भारत-पाक युद्ध, कारगिल युद्ध और बेलीपार ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इसके अलावा दीपक के दादा सुरेशानंद नैनवाल भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे थे।


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