ऑल वेदर रोड के लिए एक्शन में दिखे पीएम मोदी, तो त्रिवेंद्र सरकार ने भी दी अच्छी खबर
May 24 2018 12:17PM, Writer:कपिल
ऑल वेदर रोड़ के 37 स्वीकृत कार्यों में से 26 स्वीकृत कार्यों पर काम शुरू हो गया है। जून के आखिर तक 08 और कामों को भी शुरू कर दिया जाएगा। 773.4 हेक्टेयर भूमि में से 487.6 हेक्टेयर सरकारी भूमि कार्यदायी संस्था को सौंप दी गई है। 285.8 हेक्टेयर निजी भूमि में से 129.28 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो गया है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का कहना है कि ऑल वेदर रोड के भूमि मुआवजा के लिए 802 करोड़ रुपये में से 534 करोड़ रुपये मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज की तरफ से मिल गए हैं। इसके अलावा कम्पीटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन द्वारा 416 करोड़ रुपये का वितरण भी कर दिया गया है। 841.46 किलोमीटर वन भूमि में से 683.22 किलोमीटर की स्वीकृति मिल गई है। यूटीलिटी शिफ्टिंग के लिए 74.07 करोड़ रुपये मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज से स्वीकृत हुए हैं।
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इसमें से 71 करोड़ रुपये पावर कारपोरेशन और जल संस्थान को दे दिए गए हैं। 170 किलोमीटर लाइन और 1947 बिजली के पोल शिफ्ट कर दिए गए हैं। 12 किलोमीटर पाइप लाइन और 68 हैंड पंप शिफ्ट कर दिए गए हैं। जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुके थे कि पीएम मोदी 23 मई को उत्तराखंड की ऑल वेदर रोड परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं। हुआ भी कुछ ऐसा ही। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर ऑल वेदर रोड परियोजना के प्रगति की सराहना की। साथ ही ड्रोन के जरिए हेलंग, भद्रकाली और श्रीनगर गढ़वाल के निर्माण कार्यों का भी पीएम मोदी जायजा लिया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने अमृत यानी अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन योजना की प्रगति के बारे में भी पीएम मोदी को जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि 65 करोड़ रुपये की 27 डीपीआर तैयार की जा रही है, 2.16 करोड़ रुपये की 2 डीपीआर बन गयी है, 217.69 करोड़ रुपये की 29 डीपीआर की स्वीकृति जल्द मिल जाएगी। 04 शहरों का एनर्जी ऑडिट सर्वे पूरा हो गया है। 03 अन्य शहरों का सर्वे चल रहा है। ईईएसएल से अनुबंध हो गया है। राज्य द्वारा सरकार लगातार मिशन मोड में परियोजना की मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्य सचिव से टार्गेटेड पब्लिक डिलीवरी सिस्टम(टीपीडिस) के बारे में मुख्य सचिव ने बताया कि 93 प्रतिशत राशन कार्ड की आधार सीडिंग हो गई है, जून तक शत्-प्रतिशत सीडिंग हो जाएगी। सिस्टम इंटीग्रेटेड मॉडल अपनाकर कॉमन सर्विस सेंटर को राशन की दुकानों के ऑटोमेशन के लिए नामित किया गया है। 5500 लैपटॉप, बायोमैट्रिक्स उपकरण, प्रिंटर, डोंगल क्रय कर लिए गए हैं। ऑनलाइन सप्लाई चेन के तहत 196 गोदामों को भी कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है।