पहाड़ के किसान का बेटा...गार्ड की नौकरी की और पढ़ता रहा, अब यू-सेट परीक्षा में रचा इतिहास
May 25 2018 10:40AM, Writer:आदिशा
हाथों में एक तरफ गार्ड की नौकरी और दूसरी तरफ आंखों में कुछ कर गुजरने के सपने। किसान का बेटा, जिसने एक सपना देखा, उस सपने को बुना और अब उस सपने को जी रहा है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स बिल गेट्स कहते हैं कि ‘सपने देखिए क्योंकि सपने ही तो आपको जीने की ताकत देते हैं’। उत्तराखंड में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी कैंम्पस में गार्ड की नौकरी करने वाले पंकज ने भी सपने देखे और उन्हें पूरा करने चल पड़ा। जिंदगी में ना जाने कितनी मुश्किलों का सामना किया होगा पंकज ने, लेकिन चेहरे पर मुस्कुराहट और कड़ी मेहनत के आगे ये सारी मुश्किलें आसान होती चली गईं। पंकज कुमार मूलरूप से भीमताल से जंगलिया गांव के रहने वाले हैं। पिता किसान हैं, इसलिए बचपन से ही कठिन परिस्थितियों में जीना सीखा।
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पिता सुंदर लाल से जितना हो सका, अपने बेटों के लिए किया। पंकज की मां इंद्रा देवी गृहणी हैं। भीमताल के ही एक सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद पंकज ने हाईस्कूल और इटंरमीडिएट सितारगंज के जीआईसी से प्राप्त की। इसके बाद पंकज ने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन डीएसबी परिसर नैनीताल से किया। परिवार में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, तो पंकज ने डीएसबी परिसर में ही गार्ड की नौकरी शुरू कर दी। नौकरी के बाद भी पंकज ने पढ़ाई नहीं छोड़ी।लगातार पढ़ाई करते रहे और जिंदगी में कुछ गुजरने के सपने को उन्होंने कभी मरने नहीं दिया। उन्होंने साल 2015 में यू-सेट की परीक्षा दी थी, लेकिन कम नंबर आने की वजह से वो मेरिट से चूक गई थे। इसके बाद पंकज कुमार ने साल 2017 में एक बार फिर से यू-सेट की परीक्षा थी।
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मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने इस परीक्षा को पास कर दिया। पंकज की इस प्रतिभा को देखते हुए उन्हें डीएसबी छात्र संघ द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया है। पंकज कहते हैं कि गार्ड की नौकरी के दौरान पढ़ाई कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। इलके बाद भी वो पढ़ाई के लिए वक्त निकालते थे। पंकड अब नेट की तैयारी कर रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में ही नाम कमाना चाहते हैं। पंजक कहते हैं कि जिंदगी में सही मुकाम पर जाने के बाद वो ऐसे मेधावी छात्रों की मदद करना चाहते हैं, जो अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहते हैं। डीएसबी के प्रोफेसर जीएल साह और डॉ मनीषा त्रिपाठी को पंकज अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। सपने देखना हर किसी का हक है। इन सपनों की राह पर आगे बढ़ना और उन सपनों को जो पूरा करे, वो ही तो जिंदगी में असल फाइटर कहलाता है।