उत्तराखंड के इस जिले से देश को मिले 12 दिग्गज पर्वतारोही, जिन्होंने एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा
May 26 2018 6:15PM, Writer:कपिल
हिमालय की तलहटी में बसे हुए उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से अब तक 12 पर्वतारोही विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ाई कर चुके हैं। हिमालय की गोद में बसे उत्तरकाशी जिले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाले एवरेस्ट विजेताओं की संख्या 12 पहुंच चुकी है। इसमें ख़ास बात ये हैं कि इन 12 में भारत की प्रथम एवरेस्ट विजेता महिला समेत चार बेटियाँ भी शामिल हैं। दरअसल उत्तराखंड के हर एक पहाड़ी जिले में विषम भोगोलिक परिस्थियां हैं परन्तु उत्तरकाशी जिले में नेहरु इंस्टिट्यूट ऑफ़ माउंटनेरिंग (NIM) जैसे पर्वतारोहण का शानदार प्रशिक्षण संस्थान होने के करण यहाँ के युवाओं को पर्वतारोहण जैसे खेल या फिर कहें कि स्थितियों का अधिक एक्स्पोसर भी है। अब उन्हें ट्रैकिंग और विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर पर्वतारोहण भी बहुत सामान्य सी बातें लगती हैं।
यह भी पढें - पहाड़ की बेटी...हौसला तोड़ देने वाले हालातों से लड़ी, अब दुनिया का सर्वोच्च शिखर फतह करेगी
आलम ये है कि स्थानीय पर्वतारोही उत्तरकाशी से लगे गंगोत्री हिमालय की कई चोटियों पर कई बार चढ़ाई कर चुके हैं। उत्तरकाशी जिले से किसी इंसान के एवरेस्ट पर पहले कदम 23 मई 1984 को नाकुरी गांव की बछेंद्री पाल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी चढ़ डाली थी। भारत की भी सबसे पहली महिला एवरेस्ट विजेता वही हैं। तब से लेकर अभी तक उत्तरकाशी से एवरेस्ट विजताओं की झड़ी सी लग गयी है। साल 1993 में उत्तरकाशी के नाकुरी गांव की सविता मर्तोलिया व उत्तरकाशी की सुमन कुटियाल और उसके बाद साल 2005 में उत्तरकाशी के हर्षिल के भगत सिंह ने बीएसएफ की टीम के साथ एवरेस्ट की चढ़ाई की। साल 2009 में तो उत्तरकाशी के लदाड़ी गांव के विश्वेश्वर सेमवाल (विष्णु), बोंगा गांव के दशरथ सिंह रावत, कोटियाल गांव के खुशाल सिंह राणा, धराली गांव के सतल सिंह व कोटी गांव के विनोद गुसाईं ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया।
यह भी पढें - उत्तरकाशी के नाल्ड गांव की पूनम राणा से सीखिए ज़िंदगी और ज़िंदादिली का मतलब
इस तरह 2009 में 5 लोगों ने एवरेस्ट फतेह किया। साल 2018 भी उत्तरकाशी के पर्वतारोहियों के लिए बढ़िया साबित हो रहा है। 22 मई 2018 को उत्तरकाशी के नाकुरी गांव के संदीप टोलिया, नाल्ड की पूनम राणा और बाड़ाहाट के रवि चौहान ने एवरेस्ट का आरोहण किया। इसके अलावा उत्तरकाशी में ऐसे भी पर्वतारोही हैं, जो किन्हीं कारणों से एवरेस्ट पर अभी तक विजय हासिल नहीं कर पाये हैं। हर्षमणि नौटियाल, लक्ष्मण सिंह राणा, चंद्रप्रभा एतवाल, डॉ. हर्षवंती बिष्ट, हर्षा रावत, लक्ष्मण नेगी, विमला नेगी, भागवत सेमवाल और इनके अलावा भी कई ऐसे पर्वतारोही हैं जो अवश्य ही निकट भविष्य में मिशन एवेरेस्ट कभी भी पूरा कर सकते हैं।