चमोली के पोखनी गांव की बेटी ने बनाया ऐसा इको मॉडल, जो देश में रोकेगा फर्जी मतदान
Jun 1 2018 12:58PM, Writer:कपिल
इस बेटी का गांव सड़क से 6 किलोमीटर ऊपर पहाड़ पर बसा है। घर में छोटी छोटी चीजें लेने के लिए 10 किलोमीटर नीचे पीपलकोटी आना पड़ता है। इस बेटी के पिता पशुपालन और खेती बाड़ी का काम करते हैं, तो आप समझ सकते हैं कि किस गरीब परिवार से ये बेटी ताल्लुक रखती है। नाम है आरती भंडारी और काम ऐसा किया है कि, दिल से आरती उतारने का ही मन करता है। जहां मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को जी-तोड़ मेहनत करदनी पड़ती है, उस गांव की आरती भंडारी ने ऐसा काम कर दिखाया कि देश सलाम करेगा। आरती भंडारी के माॅडल इको वोटर कार्ड माॅडल का सलेक्शन नेशनल लेवल के लिए हो गया है। खुशी की बात तो ये है कि जल्द ही ये मॉडल देशभर में लागू भी हो सकता है। 10 वीं की छात्रा आरती ने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान कई बार फर्जी मतदान की खबरें सुनीं थीं।
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आरती के दिमाग में आया कि आखिर क्यों ना एक ऐसा मॉडल बनाया जाए, जो फर्जी मतदान पर लगाम लगा सके। आरती खुद कहती है कि फर्जी मतदान देश के लोकतंत्र के लिए अभिशाप की तरह है। इतनी छोटी बच्ची के दिमाग में ऐसी बात आना साबित करता है कि वो किस स्तर की छात्रा है। आरती मेहनत में जुट गई। शिक्षों, परिवार, दोस्तों का साथ मिला और एक साल के भीतर ही एक ऐसा मॉडल तैयार हुआ, जिसकी तारीफ हर कोई कर रहा है। फर्जी मतदान को रोकने के उद्देश्य से ही इस मॉडल को तैयार किया गया है। आप इसे वोटर आइडेंटीफाई डिवाइस भी कह सकते हैं। आरती भंडारी के इस माॅडल का चयन इन्सपायर अवार्ड साल 2017 के लिए हुआ। अलग अलग प्रतिभाशाली छात्रों के मॉडल को इसमें शामिल किया गया है। उम्मीद है कि आरती के इस मॉडल को सबसे बड़ा सम्मान मिलेगा। लोकतंत्र के लिए आरती भंडारी का ये मॉडल काफी मददगार साबित हो सकता है।