पौड़ी के रिटायर फौजी का बेटा, हर मुश्किल से लड़ा, अब IIT दिल्ली में हुआ सलेक्शन
Jun 1 2018 4:09PM, Writer:मिथिलेष नौटियाल
कहते हैं दिल में अगर कुछ करने की तमन्ना हो और आंखों में सपने जिंदा हों, तो इंसान तकदीर बदलना जानता है। जीवन में कैसा भी दौर आए, हर दौर से निकलकर मजबूत हौसलों के साथ आगे बढ़ना ही एक फाइटर की निशानी होती है। आज हम आपको पहाड़ के एक ऐसे बेटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने शायद जिंदगी में ऐसे हर दौर को देखा है। इस बच्चे का नाम है नितिन बिष्ट। नितिन पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक के उमरौली गांव के कहने वाले हैं। पिता यशपाल सिंह बिष्ट एक गौरवान्वित रिटायर्ड फौजी हैं। माता मंजी देवी गृहणी हैं। नितिन के कुल मिलाकर चार भाई हैं। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि उनके मां-पिता ने किन परिस्थितियों में अपनी चार संतानों का पालन पोषण किया होगा। बच्चे भी इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं और समझते हैं।
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चारों बेटे अपने पिता का सिर कभी झुकाना नहीं चाहते और अपनी मातृभूमि का नाम रोशन करना चाहते हैं। नितिन 10वीं दिल्ली से की और इसके बाद 12वीं तक देहरादून के विवेकानंद स्कूल से पढ़ाई की। पढ़ाई में नितिन बिष्ट हमेशा से ही प्रखर बुद्धि वाले रहे हैं। नितिन के भाई अंकुर बिष्ट ने राज्य समीक्षा से बात की और बताया कि पढ़ाई में नितिन हमेशा से ही आगे रहा लेकिन पढ़ाई का वक्त कभी पहले से ही तय नहीं रहा। जब मन किया, तब पढ़ाई शुरू कर दी। 12 वीं के बाद नितिन का सलेक्शन डीयू में बी टेक के प्रोग्राम के लिए हुआ था। मन में पहले ही टेक्निकल फील्ड में कुछ करने की इच्छा थी तो नितिन ने ‘गेट एग्जाम’ की तैयार कर दी। पहली बार में नितिन कुछ नंबरों से रह गए थे। इसके बाद दूसरी बार फिर से पेपर दिया तो 123 वीं रैंक आ गई।
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आखिरकार वो वक्त आ ही गयी और इसके बाद नितिन बिष्ट का सलेक्शन IIT दिल्ली के लिए हो गया है। नितिन के बड़े भाई अंकुर बिष्ट बताते हैं कि भले ही नितिन IIT से पासआउट हो जाएं लेकिन अगर कभी ऐसा वक्त आया कि उत्तराखंड के लिए कुछ करना हो, तो नितिन हमेशा आगे रहेंगे। नितिन का सपना है कि आने वाले वक्त में बड़े पदों पर जाकर उत्तराखंड के लिए वो कुछ करें, जिससे कि अपनी मातृभूमि का भी कर्ज चुका पाएं। ऐसे युवाओं को देखकर खुशी होती है, जो अच्छे और सम्मानित पदों पर जाने के बाद भी अपने पहाड़ को नहीं भूलते। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से नितिन बिष्ट को हार्दिक शुभकामनाएं । इसी तरह से जिंदगी में आगे बढ़िए, सम्मानित पदों पर जाएं और अपने प्रदेश, अपनी मातृभूमि के लिए कुछ बड़ा काम करें।