पहाड़ का सपूत, दो साल की उम्र में पिता चल बसे, मां के संघर्ष ने बनाया आर्मी अफसर
Jun 3 2018 11:56AM, Writer:आदिशा
सिर्फ दो साल की उम्र में जिसके सिर से पिता का साया उठ जाए, जरा सोचिए उस परिवार को जिंदगी भर किन परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। आज हम उस मां को सलाम करना चाहते हैं, जो धूप में तपी, सर्दियों में ठिठुरी लेकिन अपने कलेजे के टुकड़े को कभी भूखा नहीं सोने दिया। हम बात कर रहे हैं उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले उस परिवार की जिसकी जिंदगी में खुशियां बहुत पहले ही कहीं गुम हो गई थी। रोहित भंडारी IMA से ट्रेनिंग ले रहे हैं और एक साल बाद सेना में अफसर बन जाएंगे। मां बचपन से ही देशभक्ति से लबरेज कहानियां रोहित को सुनाती थीं। पहाड़ की इस मां ने कभी हारना नहीं सीखा और अपने बेटे को आर्मी ऑफिसर बनाने का प्रण ले लिया था। रोहित दो साल के थे, तो उनके पिता जगेंद्र सिंह का निधन हो गया था।
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रोहत और उनके छोटे भाई मोहित की जिम्मेदारी अब मां के कंधों पर ही आ गई थी। रोहित ने हुंडोली स्थित सरकारी इंटर कॉलेज से 12वीं पास की। परिवार मकी कई जिम्मेदारियां थी तो रोहित बतौर सिपाही एयरफोर्स में भर्ती हुए। मां के हौसले की बदौलत पहले रोहित एयरफोर्स में सिपाही तो बने इसके बाद भी अफसर बनने की तैयारी करते रहे। आखिरकार रोहित उन 39 भारतीय सैन्य अकादमी के आर्मी कैडेट कॉलेज की 111वीं ग्रेजुएशन सेरेमनी में JNU की डिग्री से सम्मानित किया गया। आपको बता दें कि आर्मी कैडेट कॉलेज में तीन साल की कठिन ट्रेनिंग और पढ़ाई होती है। इसके बाद ही ये कैडेट आइएमए की मुख्यधारा से जुड़ पाते हैं। इस ग्रेजुएशन सेरेमनी में उत्तराखंड के 7 जवान भी शामिल हुए। अब एक साल ट्रेनिंग के बाद ये सभी कैडेट अपने कंधों पर दो स्टार सजाएंगे। सलाम उस मां को और सलाम इस सपूत को।