उत्तराखंड में 31 जुलाई से पॉलीथिन बैन, देवभूमि को गंदा किया तो एक्शन लेगी टास्क फोर्स
Jun 6 2018 1:12PM, Writer:कपिल
पहाड़ की शांत और सुंदर वादियों में घूमने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते हैं। लेकिन इन्हीं खूबसूरत वादियों में जब पॉलीथिन जैसे पर्यावरण को दूषित करने वाले सामान दिखते हैं तो निराशा ही हाथ लगती है। ये बात भी सच है कि सिर्फ बाहर से आए सैलानी ही नहीं बल्कि खुद हम लोग भी कई बार ऐसी गलतियां कर देते हैं। इस वजह से अब सरकार ऐसे कामों से सख्ती से निपटने जा रही है। उत्तराखंड के पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए 31 जुलाई से पॉलिथिन पर पूरी तरह से बैन लग जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ये घोषणा कर दी है। इसके साथ ही सीएम त्रिवेंद्र ने दुकानदारों और थोक विक्रेताओं से कहा है कि अपना स्टॉक खत्म कर दें और उसके बाद पॉलीथिन का प्रयोग किसी भी हाल में ना करें। इस बार सरकार सख्ती के साथ पॉलीथिन से निपटेगी।
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इसके लिए खास तौर पर सीएम त्रिवेंद्र द्वारा 'बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सरकार का कहना है कि 31 जुलाई से एक हफ्ते पहले ही जगह जगह जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सीएम का कहना है कि लोगों को सरकार प्रेरित करेगी कि खुद ही पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद कर दें। सीएम त्रिवेंद्र ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि जनता इस काम उनका साथ देगही। जाहिर सी बात है कि जनभागीदारी के बिना ये काम संभव नहीं होगा। वास्तव में अगर उत्तराखंड के पर्यावरण और खूबसूरती को बचाए रखना होगा तो हर शख्स को खुद ही जागरूक होना होगा। पॉलीथिन मुक्त करने के लिए ईको टास्क फोर्स के गठन की भी घोषणा की गई है। इस टास्क फोर्स में प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों को शामिल किया जाएगा।
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के फैसबुक पेज पर इस बात की जानकारी दी गई है। सीएम त्रिवेंद्र द्वारा कहा गया है कि ‘पर्यावरण संरक्षण के लिए पाॅलीथीन के इस्तेमाल पर रोक जरूरी है। राज्य में नैनीताल, गोपेश्वर, श्रीनगर, पौड़ी में पाॅलीथीन पर प्रभावी अंकुश लगा है। पूरे राज्य में पॉलिथीन को पूर्ण रूप से बैन करने के प्रयास किए जा रहे हैं’। अब साफ है कि 31 जुलाई से उत्तराखंड में पॉलीथिप पर पूरी तरह से बैन लग जाएगा।