image: Life story of anuj rawat

पौड़ी के किसान का बेटा...कभी प्लास्टिक के बैट से खेला, आज सचिन के बेटे का कप्तान है

Jun 9 2018 1:39AM, Writer:आदिशा

कौन कहता है कि उत्तराखंड में खिलाड़ी पैदा नहीं होते, ज़रा गौर से नज़र-ए-इनायत कीजिए, तो गांव-गांव में धाकड़ क्रिकेटर्स आपको मिल जाएंगे। ऐसे ही एक गांव का बेटा है अनुज रावत। मूलत: पौड़ी जिले के बीरोंखाल के सीली-मली (जमरिया) के रहने वाले हैं अनुज रावत। फिलहाल वो अपने परिवार के साथ रामनगर के रूपपुर गांव में रह रहे हैं। क्या बल्लेबाजी, क्या विकेटकीपिंग और क्या कप्तानी ? हर मामले में नंबर वन। यूं समझ लीजिए कि बल्लेबाजी में कोहली से कम नहीं, विकेटकीपिंग और कप्तानी में धोनी से कम नहीं। बल्लेबाजी का आलम ये है कि ईस्ट ज़ोन के ख़िलाफ़ 256 रन ठोंक दिए और वेस्ट जोन के खिलाफ भी ताबड़तोड़ 137 की पारी खेली। जानदार बल्लेबाजी के साथ साथ शानदार विकेटकीपिंग। एक ही टूर्नामेंट में विकेट के पीछे रहकर 15 खिलाड़ियों को पैवेलियन भेज दिया। अब बताइए अनुज रावत किसी स्टार खिलाड़ी से कम है क्या ?

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BCCI ने भी ये हुनर देखा और बिना कुछ वक्त गंवाए पहाड़ के किसान के बेटे को अंडर 19 टीम का कप्तान बना दिया। पहाड़ का छोरा क्रिकेट के आसमान में नई उड़ान भरने के लिए तैयार है तो गांव में भी खुशी का माहौल है। अनुज रावत चार दिवसीय मैचों में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की कप्तानी करेंगे। अनुज के पिता वीरेंद्र सिंह रावत किसान हैं। पितान ने अपने बेटे की प्रतिभा को उसी वक्त पहचान लिया था, जब 6 साल की छोटी उम्र में अनुज रावत ने प्लास्टिक के बैट से एक शानदार स्ट्रेट ट्राइव मारी। बेटे में पिता ने देश का अगला कप्तान देख लिया। बस पिता ने अनुज को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। अपने घर के खर्च थोड़े कम कर दिए और बेटे को रामनगर स्पोर्ट्स अकेडमी में कोचिंग के लिए भेज दिया। बस यही से बदली अनुज रावत की किस्मत।

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कहते हैं कि जिंदगी में एक तिनके का सहारा ही काफी होता है। अगर पिता 6 साल के अनुज की प्रतिभा को उसी वक्त नहीं पहचानते, तो शायद आज अनुज रावत टीम इंडिया के कप्तान नहीं होते। आज अनुज रावत वो चेहरा हैं, जिन्हें विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके बाद BCCI ने हिमाचल में लगे नेशनल क्रिकेट एकेडमी का कैंप लगाया तो नॉर्थ ज़ोन की कप्तानी अनुज रावत को सौंप दी। अपनी कप्तानी में अनुज रावत ने ईस्ट ज़ोन के ख़िलाफ़ 256 रन बनाए और वेस्ट जोन के खिलाफ 137 रन बनाए। इसी कैंप में अनुज ने बतौर विकेटकीपर 15 खिलाड़ियों को आउट किया। अपने खेल को निखारने के लिए दिन में कई घंटे तक नेट पर पसीना बहाया। लगातार प्रदर्शन निखारते गए और अब एक ऐसा खिलाड़ी तैयार हो रहा है, जो अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के जरिए धोनी जैसा कप्तान बनने की राह पर है। शाबाश अनुज रावत


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