उत्तराखंड में है महेंद्र सिंह धोनी की कुर्सी का उत्तराधिकारी, 4 पहाड़ियों पर BCCI की नजर
Jun 10 2018 12:02AM, Writer:आदिशा
ये बात आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के हर फॉर्मेट से अब धीरे धीरे दूर हो रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या महेंद्र सिंह धोनी अगला वर्ल्ड कप खेलेंगे या फिर नहीं ? हालांकि बीच में टी-20 वर्ल्ड कप के लिए धोनी सहज नज़र आए लेकिन वनडे वर्ल्ड कप के लिए फिटनेस सबसे बड़ा चैलेंज है। इस दौर में स्थिति ऐसी बन रही है कि अगर धोनी नहीं तो फिर कौन ? BCCI का थिंक टैंक इस पर लगातार विचार कर रहा है। अब सलेक्शन बोर्ड की सुईयां घूमकर एक बार फिर से उत्तराखंड पर टिकी हैं। उत्तराखंड में इस वक्त चार खिलाड़ी ऐसे हैं, जो धोनी का विकल्प बन सकते हैं। सच ये भी है कि ऐसा टैलेंट देश में फिलहाल कहीं और नज़र नहीं रहा। टीम को नया चेहरा चाहिए, युवा चेहरा चाहिए, एक बल्लेबाज़ यानी फिनिशर चाहिए, तेज तर्रार विकेटकीपर चाहिए। इसलिए BCCI की सबसे पहले नजर ऋषभ पंत पर हैं।
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उत्तराखंड के गंगोलीहाट के ऋषभ पंत की दावेदारी इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि आईपीएल 2018 के वो सिक्सर किंग साबित हुए हैं। दिल्ली डेयरडेविल्स टीम और दिल्ली रणजी टीम के लिए ऋषभ पंत के धाकड़ बल्लेबाज और विकेटकीपर हैं। BCCI के ऋषभ पंत में जुनून ज्यादा दिखता है। वो भी सचिन तेंदुलकर की तरह अपने पिता के निधन के अगले दिन मैच खेलने मैदान पर पहुंचे थे। इस आईपीएल में सबसे ज्यादा छक्के, 684 रन और 52.61 की औसत की वजह से क्रिकेट के बड़े दिग्गज उन्हें धोनी का उत्तराधिकारी कह रहे हैं। अब बारी आती है कि आर्यन जुयाल की। जैसे कि सुनील गावस्कर कहते हैं कि टीम को एक यंग, फ्रैश और एनर्जेटिक खिलाड़ी चाहिए। मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज और एक बेहतरीन विकेटकीपर हैं आर्यन जुयाल। अंडर-19 बीनू मांकड़ ट्रॉफी और जोनल मैचों में आर्यन अब तक 1500 के करीब रन बना चुके हैं। आर्यन को हाल ही में अंडर-19 की कप्तानी भी मिली है।
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अब बारी आती है अनुज रावत की। पौड़ी से ताल्लुक रखने वाले अनुज रावत अनुज रावत विकेट कीपर के साथ-साथ सलामी बल्लेबाज हैं। अंडर 19 नार्थ जोन के पांच मैचों में एक डबल सेंचुरी और सेंचुरी के साथ अनुज रावत ने 480 रन ठोंक दिए। इन्ही 5 मैचों में उन्होंने बतौर विकेटकीपर 15 बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें अंडर-19 टीम का कैप्टेन बनाया गया है। एक और नाम है सौरभ रावत। 21 साल के सौरभ रावत ने क्रिकेट की बारीकियां दान सिंह कन्याल से सीखीं हैं। इसके बाद वो बैंगलुरु चले गए और कुछ वक्त बाद वापस उत्तराखंड लौटे। उत्तराखंड क्रिकेट को बोर्ड की मान्यता नहीं होने की वजह से सौरभ को वापस बैंगलूरू जाना पड़ा। सौरभ फिलहाल में उड़ीसा रणजी टीम के मध्यमक्रम की रीढ़ हैं। देखना है कि BCCI अब धोनी का विकल्प क्या तलाशती है।