Video: गढ़वाल की बेटी काजल, 8 साल की उम्र में ही सोशल मीडिया पर स्टार बन गई
Jun 10 2018 12:39AM, Writer:आदिशा
उम्र सिर्फ 8 साल की है...वो सर्दियों की सुबह 6 बजे उठ जाती है और गर्मियों में सुबह 5 बजे। टिहरी के जौनपुर पट्टी के गांव गौरन की बेटी है काजल। काजल के पास दो बैल, एक गाय, एक बछिया एक बकरी है। काजल की मां सुबह गौशाला से गाय बाहर निकालती है, तो काजल अपनी बकरी को बाहर निकालती है। बकरी के गले में प्यारी सी घंटी सुकून देते ही लेकिन काजल कहती है कि सर्दियों की सुबह में पांव बर्फ से जम जाते हैं। गांव के पनियारे पर पानी भरते जाते वक्त काजल गांव के सभी लोगों को प्रणाम करती हुई जाती है। पानी लेने के बाद काजल वापस घर की तरफ आती है और अभी स्कूल का काम करना है और स्कूल के लिए तैयार होना है। काजल की मां भी सुबह काफी काम करती हैं। इसलिए जब तक मां अपना काम निपटाती हैं, तब तक काजल अपने छोटे छोटे हाथों से आटा गूंदकर रख देती है।
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वक्त बीतता जा रहा है कि इसलिए काजल को स्कूल के लिए तैयार होना है। तैयार होकर काजल एक प्यारा सा पीला फूल अपने बालों पर लगाती है और स्कूल के लिए चल पड़ी है। आज थोड़ी देर हो गई है, इसलिए काजल को आज अकेले ही स्कूल जाना पड़ रहा है। काजल के गांव में अभी सड़क नहीं है इसलिए स्कूल पैदल जाना पड़ता है। स्कूल में पढ़ाई हुई तो वापस आकर काजल को रात के खाने का बंदोबस्त करना है। इसलिए ओखली में खुद धान (सट्टी) कूटनी है। यकीन मानिए काजल के कामकाज का तरीका किसी अनुभवी महिला जैसा है। धान कूटने के बाद काजल को गाय और बकरियों के लिए घास लेने जाना है। सब कुछ काम निपटा कर काजल अब पढ़ाई कर रही है। अपने पिता, अपनी मां, अपनी दादी की लाडली काजल का ये वीडियो बेहद वायरल हो रहा है।
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आखिर काजल को सोशल मीडिया पर लाया कौन। यू-ट्यूब चैनल चुगलैर बगोट की सीरीज गौं-गुठ्यार के जरिए हमें काजल के बारे में पता चला है। किशना बगोट ने जिस तरह से इस पूरी डॉक्यूमेंट्री को जीवंत रूप दिया है, वो बेमिसाल है। देश को बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का संदेश देती काजल एक आइना है हमारे समाज का। आप भी देखिए गढ़वाली में काजल की जुबानी, काजल की कहानी।