उत्तराखंड का लाल...शहर में 12 लाख की नौकरी छोड़ी, वापस लौटकर बना आर्मी अफसर
Jun 10 2018 1:05PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के सपूतों ने बार बार साबित किया है कि देशसेवा के मामले में उनसे बढ़कर कोई नहीं है। आज भी उत्तराखंड के वीरों की वीरता के किस्से गीतों में गाये जाते हैं। देश को एक ऐसा ही वीर आर्मी अफसर मिला है। ज़रा सोचिए कि किसी का सालाना 12 लाख का पैकेज हो और वो ये नौकरी छोड़कर देश की सेना को ज्वॉइन करे। कितने गर्व का पल है। ऐसे ही हैं उत्तराखंड के दीपक सिंह बिष्ट। दीपक सिंह बिष्ट ने भारत पेट्रोलियम की बैठी बिठाई नौकरी छोड़ी और हाल ही में इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास आउट हुए हैं। खास बात ये है कि दीपक सिंह बिष्ट के पिता भी सेना में हवलदार हैं। पिता से बचपन में देशभक्ति सीखकर नैनीताल के बिंदुखता के रहने वाले दीपक सिंह बिष्ट ने एक प्रेरणा बनने का काम है। आखिर दीपक ने ऐसा क्यों किया, जरा ये भी जान लीजिए।
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दीपक सिंह बिष्ट के पिता प्रताप सिंह बिष्ट का कहना है कि बचपन से ही दीपक के दिल में सेना में भर्ती होने का जज्बा उफान मार रहा था। दीपक को जब भी मौका मिवलता था, वो अपने पिता की वर्दी पहनता था। इसके बाद दीपक हर जगह घूमता था और कहता था कि मुझे सेल्यूट कीजिए। आज दीपक को वास्तव में सेल्यूट करने का मन करता है। वक्त बीतता गया और दीपक ने बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीपक सिंह बिष्ट की नौकरी मुंबई के भारत पेट्रोलियम में लग गई। वहां दीपक सालाना 12 लाख रुपये कमा रहे थे। दीपक ने नौकरी तो की, लेकिन दिल में एक कसक थी कि सेना में भर्ती होना है। दीपक ने इसके बाद अपने बैठी-बिठाई नौकरी ही छोड़ दी। साल 2017 में टेक्निकल ग्रेजुएट कमीशन के जरिये दीपक सिंह बिष्ट अपना सपना पूरा किया और आज वो लेफ्टिनेंट दीपक सिंह बिष्ट बन गए हैं। सलाम है दीपक को।