3 महीने के भीतर उत्तराखंड के हर जिले में खोले जाएं वृद्धाश्रम, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Jun 13 2018 12:39PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में तीन महीने के भीतर वृद्धाश्रम खोले जाएं। इसके साथ ही इस आदेश में कहा गया है कि ये वृद्धाश्रम आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस होने चाहिए। ये उत्तराखंड के हित में एक बड़ा फैसला माना जा सकता है। दरअसल हल्द्वानी के सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से एक पीआईएल हाईकोर्ट में दायक की गई थी। इस याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड में सिर्फ दो सरकारी वृद्धाश्रम हैं। ये सरकारी वृद्धाश्रम चंपावत और चमोली जिले में मौजूद हैं। उधर हरिद्वार और देहरादून में वृद्धाश्रम तो हैं, लेकिन वो गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के किसी भी जिले में कोई भी वृद्धाश्रम नहीं है।
यह भी पढें - उत्तराखंड हाईकोर्ट का प्रदेश के सैनिकों के हर में फैसला
हल्द्वानी के सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और राज्य सरकार को आदेश दिया गया कि सभी जिलों में तीन महीने के भीतर वृद्धाश्रम खोलें जाएं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि ये सभी वृद्धाश्रम आधुनिक मेडिकल सुविधा से लैस लेने चाहिए। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने ये फैसला सुनाया है। ज़ाहिर सी बात हैं कि पहाड़ों में जो वृद्ध लोग बेसहारा हैं, इससे उन्हें भी मदद मिल सकेगी। खास बात ये है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस मेडिक सुविधाओं के जरिए ऐसे लोगों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाएगा। हाई कोर्ट की तरफ से साफ कर दिया गया है कि 13 जिलों के 13 वृद्धाश्रमों में आधुनिक मेडिकल सुविधाएं होनी चाहिए।