उत्तराखंड शहीद मानवेंद्र सिंह रावत, शहीद होने से ठीक पहले अपनी मां से बात की थी
Jun 14 2018 1:49PM, Writer:कपिल
वीरों की भूमि उत्तराखंड ने एक और वीर सपूत खो दिया है। दिल में देशभक्ति का जुनून और आखों में परिवार की बेहतर जिंदगी के सपने। ना जाने किस्मत ने किस कलम से इन वीरों का भाग्य लिखा होता है। उत्तराखंड ने एक बार फिर से एक वीर सपूत खो दिया। कल रात को जम्मू में आतंकी मुठभेड़ में गोली लगने से मानवेंद्र सिंह रावत वीरगति को प्राप्त हुए। उखीमठ ब्लॉक के कविल्ठा निवासी शहीद मानवेन्द्र रावत की ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के बांदीपूरा बॉर्डर पर लगी थी। रात में अचानक आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश तो, सेना के जवाब एक्शन में आ गए। इस दौरान आतंकियों से लोहा लेते वक्त मानवेन्द्र को भी गोली लगी। गोली लगने से वो बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। इस जख्मी हाल में मानवेंद्र सिंह रावत के दिमाग में सबसे पहले अपने परिवार का ख्याल आया।
यह भी पढें - शहीद हुआ उत्तराखंड का लाल मानवेंद्र
मानवेंद्र सिंह रावत ने इसके बाद घायल हालत में ही अपनी मां से बात की। अपनी पत्नी से घर के बारे में जानकारी ली, अपने गांव के बारे में जानकारी ली और वीरगति को प्राप्त हो गए। मानवेंद्र सिंह की शहादत की खबर मिलने के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। शहीद का परिवार सदमे में हैं। शहीद मानवेंद्र सिंह का एक बेटा और एक बेटी है। मानवेंद्र सिंह का परिवार पूरा परिवार देहरादून में रहता है। आजकल छुट्टियां थी तो परिवार घर आया हुआ था। कल शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचेगा और इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद को आखिरी विदाई दी जाएगी। उत्तराखंड कभी भी मानवेंद्र सिंह रावत के पराक्रम को भूल नहीं सकेगा। उनकी वीरता की कहानियों से भरा एक सुनहरा अध्याय लिखा जाएगा, जिसे कोई भूल नहीं पाएगा।