Video: केदारनाथ में एक पहाड़ी और एक ऑस्ट्रेलियाई, बम-बम बोल उठी महादेव की नगरी
Jun 27 2018 6:54PM, Writer:कपिल
कहा जाता है कि सृष्टि में जब भगवान शिव प्रकट हुए तो उनके साथ रज, तम, सत और गुण भी प्रकट हुए। सृष्टि में जब ध्वनि पैदा हुई तो इसकी आवाज में संगीत पैदा करने के लिए भगवान शिव ने 14 बार डमरू बजाया और नृत्य किया था। इससे ध्वनि व्याकरण, ध्वनि संगीत और सुर-ताल का जन्म हुआ। भगवान शिव को सुरों का जनक कहा जाए तो गलत नहीं होगा। खास तौर पर जब बात बाबा केदारनाथ की होती है, तो इन्हें जागृत महादेव भी कहा जाता है। बाबा केदार की धरती पर सुरों का ऐसा बेमिसाल संगम हो तो बात ही क्या। वीडियो में जो आपको दो शख्स दिख रहे हैं उनमें से एक हैं सुमित कुटानी। सुमित बदरीनाथ के रहने वाले हैं और संगीत के साधक हैं। सुमित भारत के उन तीन भारतीयों में शुमार हैं, जो हैंडपेन को बनाना जानते हैं।
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इस वीडियो में आपको ऑस्ट्रेलिया के एक शख्स भी दिख रहे हैं, जो सुमित के साथ एक खास तरह का ड्रम बजा रहे हैं, जिसे कलाबाशी कहते हैं। कलाबाशी एक ऐसा ड्रम है, जो साउथ अफ्रीका में बजाया जाता है। ये दोनों ही धुरंधर जब बाबा केदारनाथ के मंदिर में पहुंचे तो सामने चौक में बैठकर संगीत की तान छेड़ दी। सुमित कुटानी का कहना है कि भारत में सिर्फ तीन लोग ही हैंडपेन को बनाना जानते हैं और उत्तराखंड से वो अकेले लड़के हैं जिन्हें इस म्यूजिक इन्स्ट्रूमेंट को बजाना आता है। फिलहाल सुमित इंडोनेशिया में रह रहे हैं। फेसबुक पर आप सुमित को BABA KUTANI पेज पर देख सकते हैं। वहां आपको इनके संगीत के बारे में पूरी जानकारी भी ले सकते हैं। आप भी ये खूबसूरत वीडियो देखिए।