ऐतिहासिक पल: पहाड़ की बेटी ने वर्ल्ड कप में जीता गोल्ड मेडल, जर्मनी में लहराया तिरंगा
Jun 29 2018 11:23AM, Writer:कपिल
उत्तराखंड की बेटी ने साबित कर दिया है कि अब ओलंपिक में उसे गोल्ड मेडल जीतने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। उत्तराखंड की देवांशी राणा ने इस बार किसी छोटे-मोटे इवेंट में नहीं बल्कि वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल हासिल कर दिए हैं। देवांशी राणा ने साबित कर दिया है कि वो अपने पिता के नक्शेकदम पर हैं। देवांशी मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के थत्यूड़ ब्लॉक के थीलामाऊ गांव की निवासी हैंष फिलहाल उनका परिवार सहसपुर स्थित मंझौन में रहता है। दरअसल जर्मनी में चल रही आइएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस शूटिंग चैंपियनशिंप में दुनियाभर के अलग अलग मुल्कों से खिलाड़ी आए थे। इस चैंपियनशिप में देवांशी ने 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में पहले तो कांस्य पदक जीता।
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इसके बाद मिक्स डबल्स में सौरभ चौधरी के साथ मिलकर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। आप भी जानिए कि आखिर किस तरह से देवांशी ने ये स्वर्णिम इबारत लिखी है। जर्मनी में 21 जून से 29 जून तक आइएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप शूटिंग का आयोजन किया गया। इस शूटिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की देवांशी ने भारतीय महिला जूनियर टीम की तरफ से हिस्सा लिया। देवाशी ने 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में मनु भाष्कर और महिमा अग्रवाल के साथ मिलकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने सौरभ चौधरी के साथ मिलकर मिक्स डबल्स में स्वर्ण पदक भी जीता। आपको बता दें कि इससे पहले देवांशी ने आस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में 10 मीटर और 25 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
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आपको बता दें कि देवांशी अपने पिता जसपाल राणा की तरह ही अचूक निशानेबाज हैं । जसपाल राणा ही इस वक्त भारतीय निशानेबाजी टीम के कोच भी हैं। देवांशी अपने पिता से ही प्रेरणा लेकर शूंटिंग के क्षेत्र में आई थी। मंझौन शूटिंग रेंज में देवांशी ने शूटिंग की बारीकिया सीखीं थीं। इसके बाद देवांशी ने दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शूंटिंग की बारीकियां सीखीं थी। इसके बाद देवांशी लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढती गईं। पहले स्टेट लेवल पर मेडल जीते। इसके बाद नेशनल लेवल पर गोल्ड पर निशाना लगाया और अब इंटरनेशनल लेवल में भी देवांशी अपना हुनर दिखा रही हैं। उत्तराखंड के सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेवल के निशानेबाजों ने देवांशी को शुभकमानाएं दी हैं। जाहिर सी बात है कि उत्तराखंड के लिए ये गर्व का पल है और आगे भी देवांशी से उम्मीदें बढ़ गई हैं।