उत्तराखंड के पूर्व CM एनडी तिवारी की किडनी फेल, अगले 48 घंटे जिंदगी के लिए बेहद अहम
Jul 9 2018 2:32PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की किडनी फेल हो गयीं हैं। पिछले काफी समय से अस्पताल में भर्ती कांग्रेसी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के पेट में संक्रमण इस कदर फैल गया है कि उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि एनडी की हालत बेहद नाजुक है। तिवारी के बेटे रोहित ने मीडिया को बताया कि उनके पिता का इलाज कर रहे डाक्टरों के अनुसार उनके पेट में संक्रमण फैल गया है। डॉ.जेडी मुखर्जी, जो एनडी तिवारी का इलाज कर रहे हैं, ने कहा कि किडनी ने शनिवार रात से काम करना बंद कर दिया है और शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बेहद कम हो गई है। इस कारण उन्हें डायलिसिस देना शुरू कर दिया गया है। इस समय पूर्व CM को एंटीबायोटिक्स देकर रिकवरी के प्रयास किये जा रहे हैं। अगले 48 घंटे एनडी तिवारी के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताये जा रहे हैं। पिछले साल 20 सितंबर को ब्रेन स्ट्रोक के चलते मैक्स अस्पताल, साकेत में भर्ती एन डी तिवारी तब से अस्पताल में ही हैं, जहां उनका उपचार किया जा रहा था।
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जीवन के नौ दशक पूरे कर चुके नारायण दत्त तिवारी ने पिछले साल नए पॉलिटिकल करियर भी शुरुआत की थी, जिस उम्र में आम तौर पर लोग राजनीति से संन्यास लेते हैं, उस उम्र में नारायण दत्त तिवारी ने बेटे रोहित शेखर शर्मा के साथ इसी साल बीजेपी ज्वॉइन की थी। नारायण दत्त तिवारी 3 बार उत्तर प्रदेश के सीएम रह चुके हैं। इसके अलावा वो एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2007 में तिवारी को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था। 80 के दशक में नारायण दत्त तिवारी योजना आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। इसके साथ हगी 80 के दशक में ही वो केंद्रीय मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। 2009 में आंध्र प्रदेश राज्यपाल के पद पर रहते हुए नारायण दत्त तिवारी का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था। इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद वो और भी ज्यादा विवादों में घिर चुके हैं।
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नारायण दत्त तिवारी का जन्म 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था। तिवारी इससे पहले आजादी की लड़ाई में भी शामिल हुए थे। 1942 में वो ब्रिटिश सरकार की साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ नारे वाले पोस्टर और पंपलेट छापने के आरोप में पकड़े गए थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर नैनीताल जेल में डाल दिया गया। 15 महीने तक गिरफ्तार रहने के बाद वो 1944 में जेल से आजाद हुए थे। एनडी तिवारी के करियर पर सबसे बड़ा दाग रोहित शेखर शर्मा वाला मसला रहा है। वो बार बार नकारते रहे कि रोहित उनका बेटा नहीं है, लेकिन बाद में उन्होंने सबके सामने कबूला था कि रोहित उनका बेटा है। खैर, जीवन के 90 दशक पार कर चुके नारायण दत्त तिवारी अब अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।