सतबीर के पिता चल बसे थे, मां की भी तबीयत खराब..ऐसे में देवदूत बना पहाड़ का सपूत !
Jul 10 2018 7:48AM, Writer:कपिल
574...जी हां 574 लोगों को विदेश में बचाना, उन्हें नई जिंदगी देना, उन्हें अपने वतन वापस भेजना। जरा सोचिए कितना मुश्किल काम है ? लेकिन पहाड़ के रोशन रतूड़ी अब तक 574 लोगों को नई जिंदगी दे चुके हैं। इस बार उन्होंने उत्तराखंड के ही एक ऐसे शख्स को नर्क से बाहर निकाला है, जिसके पिता का देहांत हो गया था। जी हां उत्तराखंड के सतबीर सिंह सऊदी अरब में काफी हद तक परेशान हो गए थे। उनका मालिक उन्हें वापस ही जाने नहीं दे रहा था और दुख की बात ये थी कि सतबीर के पिता का भी निधन हो गया। मालिक से कई मनौती की कि पिता के अंतिम दर्शन करने दीजिए, लेकिन मालिक बड़ा निर्दयी निकला। अब सतबीर की मां की भी तबीयत खराब चल रही है। ऐसे में सतबीर के पास जब कोई चारा नहीं बचा तो उन्होंने रोशन रतूड़ी से संपर्क किया।
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बस फिर क्या था। रोशन रतूड़ी को जैसे ही सतबीर के बारे में पता चला तो उन्होंने पूरा केस समझा। तुरंत ही सतबीर के मालिक को फोन किया गया। 14 महीने बीच चुके थे लेकिन अब तक सतबीर ना तो अपनी मां से मिल पाया था और ना ही अपने पिता के अंतिम दर्शन कर पाया था। आखिरकार किस्मत पलटी तो पहाड़ का सपूत देवदूत बनकर जिंदगी में आ गया। अब सतबीर अपने उत्तराखंड वापस लौटे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। पिता को खो देने का दर्द तो है लेकिन इतना जरूर है कि मां को बुढापे का सहारा मिल गया। रोशन रतूड़ी इस बारे में कहते हैं कि ‘एक बेटे पर क्या बीत रही होगी कि आख़िरी पलों में भी सतबीर का मालिक उसे अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए नहीं भेज रहा था। सतबीर सिह जी को कितना दुख हुआ होगा?’
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रोशन ने आगे लिखा है कि ‘’सतबीर सिह जी को फेसबुक पर Roshan Raturi RR पेज के मध्यम से मेरा नम्बर मिला। उन्होंने मुझे फ़ोन पर व्हॉट्स एप पर अपनी सारी परेशानी बतायी। बहुत दुख हुआ सुनकर कि इनकी माँजी की तबियत भी ठीक नही है। फिर मैंने इनके मालिक से बात की। बहुत देर बात हुई और परिणाम आज रात की फ़्लाइट से सतबीर सिंह जी अपने वतन परिवार के पास जा रहे हैं और बहुत खुश हैं। वास्तव में रोशन रतूड़ी की जिंदगी के सबसे यादगार कामों में से एक काम ये भी है, जिसे खुद रोशन रतूड़ी जिंदगी पर याद रखेंगे।
नम्बर # 574#
एक और हमारे भारतीय भाई जो उतराखड के रहने वाले है,और सऊदी मै नौकरी करते थे, लेकिन जब इन पिता का अचानक...
Posted by Roshan Raturi RR on Monday, July 9, 2018