उत्तराखंड के हर परिवार के लिए तोहफा, लागू होगी दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना
Jul 12 2018 9:20PM, Writer:कपिल
भारत में उत्तराखंड ही अकेला ऐसा राज्य बन गया है, जहां इतने बड़े स्तर पर किसी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू किया जाएगा। उत्तराखंड ही देश का अकेला ऐसा राज्य बन गया है, जहां हर परिवार के सालाना 5 लाख तक के इलाज का खर्च सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस वक्त दुनिया में स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाने वाले मुल्कों में क्यूबा का नाम सबसे आगे लिया जाता है, जहां इबोला के खिलाफ जंग लड़ने के लिए गजब का स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र खड़ा किया गया था। दुनिया के सबसे गरीब मुल्कों में गिने जाने वाले क्यूबा ने जब दुनिया के सामने मिसाल पेश की थी तो उसके बाद भारत और क्यूबा के बीच 06 दिसम्बर 2017 को स्वास्थ्य क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने वाले एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। 2018-19 के बजट के दौरान आयुष्मान भारत योजना सबसे ज्य़ादा चर्चित रही थी। इसी दौरान इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना कहा गया था। 21 मार्च 2018 को पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस योजना पर मुहर लगाई थी।
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अब तक इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के सिर्फ 5.38 लाख परिवार आ रहे थे। बाकी 22 लाख परिवारों को इसका फायदा नहीं मिल रहा था। अब सरकार द्वारा इस योजना को सूबे के सभी परिवारों के लिए लागू कर दिया गया है। इतना जरूर है कि इस योजना को लागू करने के लिए सरकार के कंधों पर करीब 300 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ‘राज्य बनने के बाद ये पहली Universal Health Scheme होगी, जिसमें राज्य के सभी 27 लाख परिवारों को फायदा मिलेगा। खासकर पहाड़ के लिए यह योजना वरदान से कम नहीं’। बकौल रमेश भट्ट ‘’मैनें खुद देखा है कि कैसे तीमारदार मरीज की जान बचाने क लिए कर्ज लेते हैं’। कई बार जमीन बेचकर तो कई बार सोना गिरवी रखकर अस्पताल का बिल चुकाते थे। कर्ज चुकाने का दबाव भी परिवार की परेशानी बढ़ाता था। जाहिर है 5 लाख रुपए के स्वास्थ बीमा से सबको राहत मिलेगी’।
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खास बात ये है कि देश के किसी भी राज्य में सरकार द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में इस योजना का लाभ उठाया जा सकेगा। सीएम त्रिवेंद्र हाल ही में दिल्ली दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने बीमार एनडी तिवारी से मुलाकात की थी और उनका हाल जाना था। इसके बाद उत्तराखंड में आते ही एक बड़ा फैसला लिया गया है। इस बारे में खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के फेसबुक पेज पर कुछ जानकारियां डाली गई हैं। इसमें लिखा गया है कि ‘उत्तराखंड के सभी लोगों को आयुष्मान उत्तराखंड योजना का लाभ मिलेगा। राज्य के 27 लाख परिवारों को 5 लाख तक के सालाना इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।’ इसके साथ ही आगे लिखा गया है कि ‘उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया गया है। देश के किसी भी स्थान पर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज पर इसका फायदा जनता को मिलेगा’। इसके अलावा बताया गया है कि ‘इस योजना को इन्श्योरेंस मोड की बजाय ट्रस्ट मोड पर लागू किया जाएगा। राज्य में पहले से ही संचालित यू-हेल्थ और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को आयुष्मान उत्तराखंड योजना में मिलाया जाएगा’।
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अब सवाल ये है कि आखिर पहाड़ों में इस योजना को किस तरह से धरातल पर उतारा जाएगा ? दरअसल पहाड़ों में अब तक सरकार द्वारा 1000 से ज्यादा डाक्टर भेजे गए हैं। खबर है कि आगे भी और डॉक्टरों को पहाड़ के सरकारी अस्पतालों में भेजा जाएगा। इसके लिए सरकार MBBS के इच्छुक छात्रों को सरकारी खर्चे पर पढ़ाई करने का मौका दे रही है। छात्रों से एडमिशन के वक्त बॉन्ड भी भराया जाएगा, जिसके अंतर्गत डॉक्टर बने युवाओं को खास तौर पर पहाड़ में मौजूद सरकारी अस्पतालों के लिए तैयार किया जाएगा। बॉन्ड के नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। पहाड़ में टेलीरेडियोलोजी और टेलिमेडीसिन सेवा भी शुरू की गई है। सरकारी अस्पतालों में दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला अस्पतालों में आईसीयू वार्ड भी तैयार हो रहे हैं। यानी अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही देवभूमि में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना संचालित हो रही होगी।