पहाड़ में दिल दहला देने वाली वारदात, 15 साल के बच्चे को दो लड़कों ने जिंदा जलाया
Jul 13 2018 1:25PM, Writer:कपिल
ये कैसी गुंडागर्दी है? ये कैसी अराजकता है? कौन हैं वो लोग जो पहाड़ की शांत वादियों में कोहराम मचा रहे हैं? पहाड़ में कानून-व्यवस्था और पुलिस का सुरक्षा तंत्र उसी वक्त धराशाई हो गया, जब दसवीं का एक छात्र बीच सड़क पर जिंदा जलाया गया। क्या ऐसे गुंडों को पहाड़ में रहने का हक है, जो इस तरह के नृशंस हत्या को अंजाम दे रहे हैं। ये पूरी वारदात रानीखेत की बताई जा रही है। रानीखेत में दसवीं के एक छात्र को दो लड़कों ने सुबह-सवेरे जिंदा जला दिया। शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़का और सारी संवेदनाओं को कुचलते हुए आग लगा दी। मानवीयता की सारे हदें पार करती इस खबर से पूरा रानीखेत हैरान है। छात्र ने मरने से पहले पुलिस को कुछ जानकारियां दी हैं। इस बारे में हम आपको बता रहे हैं। 15 साल का दिनेश बिष्ट रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग से लगे सौनी गांव का रहने वाला था।
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बताया जा रहा है कि दिनेश रोज की तरह ही सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला था। इसके कुछ देर बाद ही वो सड़क से 15 फीट नीचे मिला, जहां उसका शरीर बुरी तरह से झुलसा हुआ था। दरअसल सुबह की सैर करने आए लोगों ने उसे पहचान लिया था और उसके परिवार को इस बारे में खबर दी थी। हड़बड़ी में दिनेश को अस्पताल ले जाया गया और इसके साथ ही पुलिस को भी खबर की गई। मरने से दिनेश ने पुलिस को कुछ खास बातें बताई हैं। दिनेश ने बताया कि जब वो सुबह घर से निकला तो दो अनजान लड़कों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद दिनेश के शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़का और आग लगा दी। इसके बाद दिनेश की हालत बिगड़ गई और वो आगे कुछ भी नहीं बोल पाया। तबीयत बिगड़ी तो दिनेश को हल्द्वानी रेफर किया गया। हल्द्वानी के बीच रास्ते में ही दिनेश ने दम तोड़ दिया।
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दिनेश के पिता सौनी गांव में ही दुकान चलाते हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस को मौके से मिट्टी के तेल की बोतल और चप्पलें मिली हैं। दिनेश के घर जाकर भी परिजनों से पूछताछ की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि दिनेश का शरीर 95 फीसदी से ज्यादा जल चुका था और ऐसे में बचने के चांस बेहद कम थे। अब सवाल ये है कि आखिर पहाड़ की शांत वादियों में ये क्या हो रहा है? क्यों पहाड़ में इस तरह की वारदातें सामने आ रही हैं ? आखिर वो लोग कौन हैं, जिन्होंने 15 साल के बच्चे को जिंदा जला दिया और उन्हें दया तक नहीं आई ? कौन हैं वो दरिंदे जिनके भीतर संवेदना मर चुकी है ? पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है और कब इस मामले में दोषियों को सख्त सज़ा मिलेगी ? ये कुछ ऐसे ज्वलंत सवाल हैं, जिनका जवाब हर हाल में चाहिए।