Video: रुद्रप्रयाग के चिंग्वाड़ गांव का जुनूनी बेटा, जिसे देश ‘फाइटर’ के नाम से जानता है
Jul 16 2018 9:03PM, Writer:कपिल
बचपन में ही बच्चे कई ख्वाब बुनते हैं। कोई डॉक्टर बनने के सपने देखता है, कोई इंजीनियर, कोई खेलों में कुछ नाम कमाना चाहता है, कोई कला के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन कुछ ही बिरले लोग ऐसे होते हैं, जो अपने सपनों के रास्ते पर चलते हैं और पूरा करके ही दम लेते हैं। आज हम आपको असल जिंदगी के एक फाइटर की कहानी बताने जा रहे हैं। आप जब इसकी फाइटिंग का वीडियो देखेंगे तो आप भी हैरान रह जाएंगे। ये लड़का हिंदुस्तान में मिक्स मार्शल आर्ट्स को नए मुकाम पर ले जा रहा है, नाम है अंगद बिष्ट। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के चिंग्वाड़ गांव का लड़का अब देश भर में सुपरस्टार बन गया है। फ्री स्टाइल फाइट में अंगद बिष्ट अब तक 3 प्रतियोगिताओं को जीत चुके हैं। एमेच्योर फाइट में वो 8 मैच लगातार जीते हैं। हाल ही में नेशनल लेवल की फाइट में जीत हासिल की है।
यह भी पढें - Video: रुद्रप्रयाग के अंगद बिष्ट ने बढ़ाया देवभूमि का मान, सुपर फाइट लीग के सेमीफाइनल में पहुंचे
आज अगंद अपने गांव, अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। अंगद के माता-पिता चाहते थे कि वो मेडिकल लाइन में जाएं, लेकिन अंगद ने अपने जुनून का पीछा किया। शरीर को मजबूत बनाया, फाइटिंग के लिए खुद को तैयार किया और आज उस मुकाम पर हैं, जहां हर कोई पहुंचने के सपने देखता है। अंगद ने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ी और आज देश के टॉप फाइटर्स में उनका नाम बड़ी शान से लिया जाता है। मूल रुप से अंगद धनपुर पट्टी के चिंग्वाड गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि अपने बनाए रास्त पर चलिए और मेहनत कीजिए। अंगद ने MMA यानी मिक्स मार्शल आर्ट्स फाइट के लिए दिन रात तैयारियां की और इसी का नतीजा है कि आज तक वो कोई भी मुकाबला नहीं हारे हैं। अब तक अंगद करीब 11 मुकाबले खेल चुके हैं और एक भी मैच नहीं हारे।
यह भी पढें - Video: रुद्रप्रयाग के चिंग्वाड़ गांव का जुनूनी लड़का, इतिहास रचकर गांव लौटा पहाड़ का फाइटर
इस बीच अंगद जब अपने घर पहुंचे थे तो उनका ऐसा स्वागत किया गया, जिसकी खुद उन्होंने भी कल्पना नहीं की थी। इस दौरान अंगन ने बड़ी बातें बताई थी। अंगद शरीर के साथ-साथ दिमाग से भी रिंग में फाइट लड़ते हैं। रुद्रप्रयाग और देहरादून में पढ़ाई करने के बाद अंगद ने मुंबई का रुख किया था। वहीं उन्होंने अपनी जिंदगी के लिए नई राह तलाशी। उन्होंने प्रोफेशनल फाइटिंग में ही अपना भविष्य देखा। खास तौर पर मिक्स मार्शल आर्ट्स में अंगद का कोई जवाब नहीं। रुद्रप्रयाग के जवाहन नवोदय विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई करने के बाद अंगद बिष्ट ने देहरादून में कोचिंग की थी। यहां से वो दिल्ली चले गए। इसके बाद मिक्स मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेने के लिए वो बैंगलुरु और मुंबई गए। आज अपनी जबरदस्त स्किल के दम पर इस लड़के को देश में लोग फाइटर के नाम से जानते हैं।