पहाड़ की बेटी...खेती-बाड़ी भी की और टॉपर भी बनी, DM मंगेश घिल्डियाल ने दिया सम्मान
Jul 21 2018 7:45PM, Writer:कपिल
पहाड की बेटियां...जी हां वो ही बेटियां जिसमें पूरा पहाड़ बसता है। मुश्किलों का पहाड़, मेहनत का पहाड़ और असुविधाओं का पहाड़। इन सबसे बाद भी खेती-बाड़ी करने वाली एक बेटी ने अपने जिले के सरकारी स्कूलों की लाज बचा ली। इस बेटी का नाम है कुमारी सोनिका। रुद्रप्रयाग जिले के दैड़ा के उषाड़ा गांव की बेटी। गरीब घर की इस बेटी पर आपको गर्व इसलिए होगा, क्योंकि इस बेटी को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं करनी पड़ती। खेतों में जाना पड़ता है, घरेलू काम-काज करना पड़ता है, गाय-भैंसों को घास-चारा देना और ना जाने कितने कामों के बीच से पढ़ाई के लिए थोड़ा सा वक्त निकाल पाती है। इस बेटी ने अपने जिले में सरकारी स्कूलों की लाज रखी । कुमारी सोनिका, रुद्रप्रय़ाग जिले के तमाम सरकारी स्कूलों की एकमात्र छात्रा है, जिन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा में मेरिट लिस्ट में जगह पाई।
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कुमारी सोनिका ने मेहनत और लगन से इस मुकाम को हासिल किया, तो हर किसी ने इस बच्ची को सलाम किया। हाल ही में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने इस बेटी को सम्मानित किया है। डीएम मंगेश घिल्डियाल खुद शिक्षा को लेकर काफी जागरूक हैं। ये संयोग ही कहा जाएगा कि बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिले में मंगेश घिल्डियाल ने अपनी सेवाएं दी और इस बार इन्हीं दो जिलों से उत्तराखंड के सबसे ज्यादा छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में अव्वल नंबर हासिल किए थे। मंगेश घिल्डियाल जानते हैं कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करना सबसे बड़ा काम है। राजकीय इंटर कॉलेज दैड़ा की प्रतिभावान छात्रा कुमारी सोनिका ने हाईस्कूल में 93.60 प्रतिशत अंकों के साथ मेरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज किया और सरकारी स्कूलों की लाज बचाए रखी।
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बड़ी मुश्किल से ये बेटी अपनी पढ़ाई के लिए वक्त जुटा पाती थी। सोनिका के मुताबिक उसे और भी पढ़ना है, आगे बढ़ना है। ये भी सच है कि सुदूर पहाड़ों में ऐसे हुनर को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। कभी गरीबी इसकी वजह बन जाती है और कभी समाज ही इसकी वजह बन जाता है। सोनिका से हम बस इतना ही कहेंगे कि शाबाश बेटी...आगे बढ़िए और उस सोच को बदलने का काम कीजिए। क्योंकि मेहनत कभी ज़ाया नहीं जाती। मेरिट लिस्ट में जगह बनाने के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएं।