पहाड़ के बेटे ने हर रिकॉर्ड तोड़ा..पुलेला गोपीचंद और सायना नेहवाल को भी पीछे छोड़ दिया
Jul 22 2018 1:37PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के खिलाड़ियों का जलवा अब दुनिया देख रही है। खासतौर पर पहाड़ के युवाओं की बात तो कुछ और ही है। इनकी यलगार में वो दम है, जिससे विरोधी चारों खाने चित हो जाते हैं। असंभव से दिखने वाले टारगेट को अल्मोड़ा का बेटा लक्ष्य सेन हासिल कर रहा है। 17 साल का ये बच्चा आज देश विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहा है। अब जकार्ता में चल रही एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप-2018 में लक्ष्य सेन फाइनल में पहुंच चुके हैं। ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। ना तो दिग्गज बैडमिंटन स्टार पुलेला गोपीचंद ऐसा कर पाए हैं और ना ही सायना नेहवाल जैसी खिलाड़ी ये काम कर पाई हैं। इस कॉम्पिटीशन के सेमीफाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के खसन रुम्बये को करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए।
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लक्ष्य ने 21-7, 21-14 के सीधे सेट में खसन को मात दे दी। फाइनल मैच लक्ष्य सेन और थाईलैंड के कुलावुत वितिद्सर्न के बीच होगा। इस चैंपियनिशप के फाइनल में प्रवेश करने वाले लक्ष्य सेन पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा में जन्मे लक्ष्य उत्तराखंड से पहले खिलाड़ी हैं जो वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन रैंकिग में नंबर वन पायदान में जगह बना चुके हैं। बुल्गारिया ओपन, इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में विजयी ट्रॉफी जीतने वाले लक्ष्य सेन ने अब एक और कारनामा कर दिखाया है। खास बात ये भी है कि लक्ष्य को अब ओलंपिक 2020 के लिए एक इंटरनेशनल कंपनी स्पॉन्सर करेगी, जो विराट, मैरीकॉम और सायना नेहवाल जैसे दुनिया के भर के 100 खिलाड़ियों को स्पॉन्सर करती है। लक्ष्य सेन वो खिलाड़ी हैं, जिनके बार में कहा जाता है कि उनके खेल का सामने वाले के पास कोई तोड़ नहीं होता।