देहरादून की रिस्पन्ना नदी फिर से जीवित होगी, अब तक सबसे बड़ा अभियान शुरू
Jul 22 2018 5:18PM, Writer:कपिल
जरा सोचिए...अगर देहरादून में रिस्पना नदी कल कल बहने लगे। वहां गंदगी ना होकर साफ पानी दिखे, नदी के दोनों तरफ घूमने के लिए फुटपॉथ या फिर पार्क हों, कितना बेहतरीन होगा? अब ये मत सोचिएगा कि ऐसा पहले कहीं नहीं हुआ है। गुजरात की साबरमती, लंदन की टेम्स नदीं और ना जाने कितने ऐसे उदाहरण हैं, जहां नदियों को पुनर्जीवित कर खूबसूरत बनाने का काम हुआ है। अब ऐसा ही काम देहरादून की रिस्पना नदीं के लिए हो रहा है। गर्व की बात ये है कि इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए हजारों की संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सहभागिता दे रहे हैं। हर समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़ कर इस अभियान में हिस्सा लिया है। आपको जानकर गर्व होगा कि इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 2.50 लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत केरवान गांव से की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस कदम की हर किसी ने दिल खोलकर तारीफ की है।
यह भी पढें - Video: देवभूमि की बेटियों पर गंदी नज़र डाली तो मिलेगी मौत, जल्द आ रहा है नया कानून
खास बात ये है कि मोथरोवाला में रिस्पना के किनारे सद्भावना वाटिका विकसित की जा रही है। इस अभियान को देहरादून के सभी शिक्षण संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, विभिन्न संस्थानों, विभागों के साथ ही आम जन सहभागिता के द्वारा संचालित किया जा रहा है। रिस्पना नदी को ऋषिपर्णा के स्वरूप में पुनर्जीवित करने के लिए ये अभियान चलाया जा रहा है। सभी री तरफ से इसमें सहयोग दिया जा रहा है और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभई का धनयवाद भी अदा किया। रिस्पना को बचाने के लिए देहरादून के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा, और समाज का हर वर्ग उत्साहित है। समाजसेवियों और प्रकृति प्रेंमियों का कहना है कि उत्तराखंड में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है। सीएम त्रिवेंद्र का कहना है कि जब ब्रिटेन के लोग एक भगीरथ प्रयास से टेम्स जैसी नदी को साफ कर सकते हैं, तो क्या उत्तराखंड के लोग व्यापक जन अभियान से रिस्पना की सूरत नहीं बदल सकते ?
यह भी पढें - उत्तराखंड को इस साल मिलेगा डोबरा-चांठी पुल, 12 साल का इंतजार खत्म होगा !
इसके आग सीएम त्रिवेंद्र ने कहा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड के लोग रिस्पना और कोसी का उत्थान करके ब्रिटेन के लोगों की तरह दुनिया के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेंगे। पौधे लगने से रिस्पना के जलप्रवाह में सुधार होगा। आगे के चरणों में रिस्पना के तट पर साफ सफाई का कार्यक्रम चलाया जाएगा। मिशन रिस्पना टू ऋषिपर्णा अभियान के तहत केरवान गांव और आसपास के इलाकों में खड़ीक, अमलतास, कनजी, कंजू, शीशम, कचनार, बांस, बेलपत्र, संदन, आंवला, हरड़, बहेड़ा, तेजपात और 18 से ज्यादा प्रजातियों के वृक्षों का रोपण किया गया। सबसे खूबसरूत बात ये भी है कि रिस्पना से ऋषिपर्णा महाअभियान में स्कूली बच्चे अपने नाम का पौधा लगा रहे हैं। ये एक बेहतरीन पहल और माना जा सकता है कि जल्द ही रिस्पना नदी अपने अलग और खूबसूरत रूप में दिखेगी।
रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान में रिस्पना तट वृक्षारोपण महाअभियान चलाया गया। कैरवां गांव से मोथरवाला, दौड़वाला तक जनअभियान में करीब ढाई लाख पौधे लगाये गए
#RispanaToRishiparna
Posted by Trivendra Singh Rawat on Sunday, July 22, 2018