image: uttarakhand lakshya sen won asian badminton chaimpionship final

पहाड़ के बेटे ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को हराया, 53 साल बाद भारत को मिला गोल्ड मेडल

Jul 22 2018 6:24PM, Writer:कपिल

लीजिए..आज तक कोई भी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ये कारनामा नहीं कर पाया था। 53 साल बाद भारत को इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल मिला है और पहाड़ के बेटे ने इस लक्ष्य को पूरा कर दिखाया। आखिरकार उत्तराखंड के अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन ने एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2018 में इतिहास रच दिया। लक्ष्‍य ने पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में थाईलैंड के कुंलावुत वितिद्सर्न को सीधे सेटों में मात दी और चैंपियनशिप पर कब्जा कर लिया। लक्ष्य की तेजी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कुंलावुत वितिद्सर्न को 21-19 और 21-19 से विरोधी को मात दे दी। तीसरा सेट खेलने का मौका ही नहीं दिया। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के खसन रुम्बये को करारी शिकस्त दी थी। इस बारे में भी हमने आपको जानकारी दी थी।

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लक्ष्य सेन इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम के कप्तान भी हैं। एक कप्तान द्वारा जब ऐसा खेल दिखाया गया है, तो गर्व की बात है। खास बात ये है कि आज तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल तक नहीं पहुंचा था। लक्ष्य सेन ने भारत का ये सपना भी पूरा कर दिखाया। लक्ष्य सेन बेहद ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा में जन्मे लक्ष्य उत्तराखंड से पहले खिलाड़ी हैं जो वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन रैंकिग में नंबर वन पायदान में जगह बना चुके हैं। बुल्गारिया ओपन, इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में विजयी ट्रॉफी जीतने वाले लक्ष्य सेन ने अंतर्राष्ट्रीय फलक पर अपनी एक अलग ही पहचान कायम की है। ये गर्व की बात है कि लक्ष्य ने 53 साल बाद इस चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल दिलाया है।

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खास बात ये भी है कि लक्ष्य को अब ओलंपिक 2020 के लिए एक इंटरनेशनल कंपनी स्पॉन्सर करेगी, जो विराट, मैरीकॉम और सायना नेहवाल जैसे दुनिया के भर के 100 खिलाड़ियों को स्पॉन्सर करती है। लक्ष्य सेन वो खिलाड़ी हैं, जिनके बार में कहा जाता है कि उनके खेल का सामने वाले के पास कोई तोड़ नहीं होता।

India's new Golden Boy!

Lakshya Sen enter record books,ending a wait of 53 years to win a gold in the men’s singles...

Posted by Badminton Association of India on Sunday, July 22, 2018


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