image: cloudburts in chamoli

चमोली जिले में बादल फटने से तबाही, 50 परिवार खतरे में...अगले 24 घंटे सावधान!

Jul 23 2018 1:10PM, Writer:कपिल

बारिश-भूस्खलन और तबाही...उत्तराखंड में मौसम ने तांडव मचाया हुआ है। हर जगह से बादल फटने की खबरें आ रही हैं और लोग दहशत में जी रहे हैं। चमोली जिले मेंमें एक बार फिर से बादल फटने की वजह से भारी तबाही मच गई है। 12 मीटर लंबा लोहे का पुल और रास्ता बह गया है। इससे छोटा कैलास और ज्योलिंकांग रास्ता पूरी तरह से बाधित हो गया है। पानी का उफान इतना जबरदस्त था कि उरेडा की नहर बह गई है। शुक्र है कि आईटीबीपी का कैंप और कुटी गांव के लोग बाल बाल बच गए। आईटीबीपी कैंप में राशन का सामग्री पहुंचाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। बादल फटने की घटना को देखते पीडब्ल्यूडी को वैकल्पिक पुल और रास्ता तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चिंता की बात ये है कि जहां बादल फटा है, वो जगह गांव से महज 200 मीटर दूर है।

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कुटी में 50 से ज्यादा परिवार रहते हैं। बादल फटने के बाद से गांव में लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे लोग डरे हुए हैं। खास बात ये भी है कि सूचना का कोई मजबूत माध्यम ना होने की वजह से प्रशासन को इस बारे में खबर नहीं मिल पा रही है। आपको बता दें कि शुक्रवार सुबह नीति घाटी में बादल फटने से सीमा सड़क संगठन के श्रमिक का डेरा ध्वस्त हो गया। हादसे में पति-पत्नी और दो बच्चों के साथ ही एक अन्य की भी मौत हुई थी। बादल फटने की वजह से तमक गांव के 12 मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। शवों की तलाशी के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने अभियान चलाया था। पहाड़ में लगातार हो रही बारिश से लोग दहशत में हैं। नदियों का बढ़ता पानी लोगोंम को दिल में खौफ पैदा कर रहा है।

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आलम ये है कि इस वक्त पूरे उत्तराखंड में मलबा आने की वजह से 75 सड़कों पर आवागमन ठप है। कुमाऊं में काली नदी खतरे के निशान के पास पहुंच चुकी है। उधर सरयू, गोरी, अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी, पिंडर उफान पर हैं। मौसम विभाग द्वारा फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटे कई जिलों में जबरदस्त बारिश हो सकती है। बदरीनाथ के पास लामबगड़ में भूस्खलन जोन को देखते हुए BRO की टीम यहां डेरा डालकर बैठ गई है। यमुनोत्री हाईवे पर बड़कोट के पास डाबरकोट में रुक-रुक कर मलबा गिर रहा है। खराब मौसम का असर कैलास मानसरोवर यात्रा पर पड़ा है। 54 यात्रियों को अल्मोड़ा में रोका गया है। 114 सदस्य गुंजी में फंसे हुए हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने विदेश मंत्रालय से 12वें दल की यात्रा स्थगित करने का अनुरोध किया है।


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