चमोली जिले में मलबे से रास्ते बंद...बेबस मां ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म
Jul 23 2018 2:57PM, Writer:कपिल
एक तो आपदा और दूसरा अस्पताल में बीमार पड़ा हुआ सिस्टम, इसका नतीजा ये हुआ कि चमोली जिले के सुदूर देवग्रम की महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस वक्त आपदा से सड़कें तबाह हो चुकी हैं। जगह जगह मौसम अपना विकराल रूप दिखा रहा है। सुदूर गांवों के लिए तो हाल और भी ज्यादा खराब होते जा रहे हैं। आलम ये है कि सड़कें टूटी हैं और एक गर्भवती महिला को अपने इलाज के लिए पैदल अस्पताल जाना पड़ा। जी हां हम बात कर रहे हैं चमोली की उर्गम घाटी के देवग्राम की एक गर्भवती महिला की। हालत पर रोना आ गया और इस तस्वीर ने कलेजा चीर कर रख दिया। देवग्राम के रहने वाले प्रेमप्रकाश की पत्नी को प्रसव पीड़ा के बाद पैदल की जोशीमठ के अस्पताल ले जाया जा रहा था। प्रसव की वेदना और उस पर पैदल चलकर सफर पूरा करना, उस मां से ही पूछिए ये दर्द कैसा होता है।
यह भी पढें - चमोली जिले में बादल फटने से तबाही, 50 परिवार खतरे में...अगले 24 घंटे सावधान!
क्या आप यकीन कर पाएंगे कि दर्द से तड़पती वो मां पैदल ही चार किलोमीटर तक चली। जैसे तैसे रास्ते भर वो अपने होश संभालती रही, लेकिन प्रसव पीड़ा इतनी ज्यादा बढ़ गई कि सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। पैदल तलकर वो मां ल्यारी तक पहुंच चुकी थी। वहां मौजूद कुछ स्थानी महिलाओं की मौजूदगी में प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद महिला को गांव वापस लाया गया। बताया जा रहा है कि जज्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है। बताया जा रहा है कि ल्यारी से एक किलोमीटर दूरी पर सड़क खुली थी। ग्रामीणों द्वारा 108 को भी सूचना दे दी गई थी। लेकिन महिला को अस्पताल ले जाने की नौबत ही नहीं आई। इन मुश्किलों में जी रहे हैं पहाड़ के लोग जहां कभी सिस्टम की बेपरवाही के चलते महिला पुल पर बच्चे को जन्म देती है तो कभी मौसम की मार क चलते एक मां सड़क पर बच्चे को जन्म देती है।