उत्तराखंड की पांच बेटियां, जिन्होंने अपने दमदार खेल से जीता दुनिया का दिल
Jul 25 2018 2:19PM, Writer:कपिल
जरा गौर से देखिए...देवभूमि की बेटियां सफलता के आसमान पर हैं। खेल के मैदान में अपना हुनर दिखाती ये बेटियां नए ख्वाब बुन रही हैं। क्रिकेट के मैदान से बैडमिंटन के कोर्ट तक, फील्ड एंड ट्रैक से लेकर एथलेटिक्स तक...हर जगह इन बेटियों ने डंका बजाया है। किसी ने खेतं में पसीना बहाकर खुद को तैयार किया, किसी ने उधार के पैसे से अपने खेल को शुरू किया। हर बेटी की अपनी एक अलग कहानी है, जो इन्हें महान बनाती है। तो आइए आज इन बेटियों के बारे में भी जान लेते हैं, जो सफलता के आसमान पर हैं। कता बिष्ट, मानसी जोशी, मानसी नेगी, अंकिता ध्यानी और कूहु गर्ग आज उत्तराखंड का मान-सम्मान देश और दुनिया में बढ़ा रही हैं। इस सफलता के पीछे इन बेटियों की कड़ी मेहनत और लगन है, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।
एकता बिष्ट
आईसीसी वूमन वर्ल्ड कप की स्टार बेटी। अल्मोड़ा की रहने वाली एकता बिष्ट ने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में 10 ओवरों में 18 रन देकर कुल पांच विकेट झटके। इस मैच में इन्होंने 2 मेडन ओवर दिए थे। कभी एकता के परिवार की स्थिति बेहद खराब थी।
2010 में एकता बिष्ट का सलेक्शन इंडिया ए महिला क्रिकेट टीम के लिए हुआ। इस वक्त एकता को मुंबई जाना था। इसके लिए इन्हें 10 हजार रुपयों की जरूरत थी। इस दौरान उनकी मां और कोच ने ने जैसे तैसे कर 10 हजार रुपये इकट्ठा किए थे और तब जाकर एकता मुंबई जा सकी थी। आज ये बेटी भारतीय महिला क्रिकेट में गेंदबाजी का मुख्य स्तंभ कही जाती है।
मानसी जोशी
टिहरी की मानसी जोशी आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बतौर तेज गेंदबाज शामिल हैं। अपनी धारदार गेंदबाजी से इस बेटी ने सलेक्टर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचा था।
अक्टूबर 2016 में मानसी ने वर्ल्ड क्रिकेट में डेेब्यू किया था। इसके बाद तो मानसी कभी रुकी नहीं। आगे बढ़ती गई। मानसी कहती थी कि वर्ल्ड कप में खेलना उनका सपना है, आखिरकार ये सपना पूरा हो गया। दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर ही मानसी जोशी ने सलेक्टर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। अपनी किफायती और तेज गेंदबाजी के दम पर मानसी जोशी विरोधी टीमों पर भारी पड़ती हैं।
मानसी नेगी
चमोली जिले के के मजोठी गांव की बेटी हैं मानसी नेगी। खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में मानसी नेगी ने वॉक रेस में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को हैरत में डाल दिया था। 3 किमी वॉक रेस में मानसी नेगी ने प्रदेश के लिए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 14:44:44 मिनट का समय निकालते हुए पहला स्थान हासिल किया।
मानसी जीजीएसएस नग्वाड़ की कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। खेतों में प्रैक्टिस कर खुद को एथलीट बनाने वाली इस बेटी ने साबित कर दिखाया कि पहाड़ की बेटियां कैसी भी परिस्थिति में सोना जीतने का माद्दा रखती हैं।
अंकिता ध्यानी
अंकिता ध्यानी ग्रामीण पृष्ठभूमि मे पली बढ़ी लड़की है। गांव में रहना, गांव में प्रैक्टिस करना ही उसका काम है। विकासखण्ड जयहरीखाल के मेरुडा गांव की रहने वाली इन बेटी ने नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता।
हैदराबाद मे हुई नेशनल एथलीट अंडर-16 चैंपियनशिप में अंकिता ने 2000 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल किया और सभी को हैरान कर दिया। चैपयनशिप में अंकिता ध्यानी ने 2000 मीटर दौड़ स्पर्धा को 6 मिनट 36 सेकंड का वक्त निकाला और नेशनल रिकॉर्ड कायम कर दिया। इस बेटी के स्वागत में गांव ने पलक-पांवड़े बिछा दिए थे।
कुहू गर्ग
बैडमिंटन की बेताज बादशाह। अगर आज दुनिया में किसी उभरती बैडमिंटन खिलाड़ी का नाम लिया जाता है, तो उसमें उत्तराखंड की कुहू गर्ग का नाम शामिल होता है। लागोस इंटरनेशनल सीरीज, आइसलैंड इंटरनेशनल सीरीज, हेलास ओपन सीरीज जैसी बड़ी स्पर्धाओं में ये बेटी चैंपियन बनकर उभरी।
इंडिया इंटरनेशनल सीरीज और टाटा इंडिया इंटरनेशनल सीरीज जैसे बड़े टूर्नामेंट में ये बेटी दूसरे स्थान पर रही। भारत में बैडमिंटन का भविष्य बनकर उभरी इस बेटी से देश से दिग्गज खिलाड़ियों को काफी उम्मीदें हैं। ये हैं उत्तराखंड की बेटियां, जो खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।