पौड़ी गढ़वाल में खुदाई के दौरान मिला खजाना, 13 वीं शताब्दी के चांदी के सिक्के मिले
Jul 26 2018 8:44PM, Writer:कपिल
कभी कभी कुछ बातें रौंगटे खड़े कर देती हैं। उत्तराखंड को यूं तो चमत्कारों की धरती कहा जाता है। वास्तव में आपको यहां कदम कदम कुछ ऐसी विचित्र बातें नज़र आएंगी जिन्हें आज के युग में अविश्वसनीय कहा जाता है। हाल ही में पौड़ी गढ़वाल में जो हुआ है, वो किसी हैरानी भरे किस्से से कम नहीं है। पौड़ी के खिर्सू ब्लॉक में मंदिर के निर्माण के दौरान खउदाई हो रही थी। इस खुदाई में खाजाना निकला है। खिर्सू ब्लॉक के कठुड गांव में 3 किलो 785 ग्राम वजनी चांदी के सिक्के निकले हैं। एकदम खालिस चांदी के सिक्के पहाड़ में चर्चा का सबब बन गए हैं। पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार का कहना है कि ये सिक्के सल्तनत काल और मुगलकाल से पुराने लगते हैं। उन्होंने एक और खास बात बताई कि ये सिक्के 13वीं से 16वीं ईसवी के बीच के हैं। इस बारे में कुछ और भी खास बातें हैं।
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यहां खुदाई में 3 किलो 785 ग्राम वजनी चांदी के सिक्के मिले हैं। ये 32 छोटे सिक्के और 6 बड़े चौकोर सिक्के हैं। इसके अलावा 18 बड़े और 273 छोटे गोल सिक्के मिले हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने बताया कि सभी सिक्के चांदी के हैं। पुरातत्व अधिकारी का कहना है कि इस इलाके में पुरातत्व महत्व की और भी चीजें मिलने की पूरी संभावना है। इस इलाके की खुदाई के लिए केंद्र सरकार और गढ़वाल विश्वविद्यालय को पत्र लिखा जाएगा।

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जिस स्थान खुदाई हो रही है वो इलाका भैरवनाथ मंदिर का है। दरअसल गांववालों और आसपास के लोगों ने तीन लाख रुपया जमा किया था और यहां एक और भैरवनाथ मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था। मंदिर के द्वार के निर्माण के लिए खुदाई की जा रही थी कि यहां खजाना मिल गया। खुदाई के दौरान करीब एक मीटर नीचे एक प्राचीन बर्तन मिला। इस बर्तन में ये प्राचीन सिक्के रखे मिले। बताया जा रहा है कि ये सिक्के दो प्रकार के हैं। चौकोर सिक्के सल्तनत काल के बताए जा रहे हैं, जबकि गोल सिक्के मुगलकालीन हैं। पिछले दिनों भी कुछ ऐसी ही खबर सामने आई थी। कठुड में मंदिर की खुदाई के दौरान प्राचीन सिक्के मिलने की पहले भी चर्चाएं थी। अब केंद्र सरकार को यहां खुदाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। पुरातत्व अधिकारी का कहना है कि यहां और भी खजाना मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं।