पहाड़ की 13 साल की बच्ची से कुछ सीखिए, इस काम की तारीफ पूरा उत्तराखंड कर रहा है
Jul 27 2018 3:55PM, Writer:कपिल
साफ सफाई हर किसी को चाहिए, लेकिन कोई करना नहीं चाहता। अपना इलाका हर किसी को साफ और स्वच्छ चाहिए, लेकिन अपने इलाके का कूड़ा कोई उठाना नहीं चाहता। हां इतना जरूर है कि बड़े बड़े मंचों पर स्वच्छता का आह्वान करने वाले आपको 100 में से 100 लोग मिल जाएंगे। 100 में 5 लोग ऐसे होंगे, जो सच में स्वच्छता चाहते हैं और उन 5 में से 1 या दो ही लोग ऐसे होंगे, जो कुछ बोलने के बजाय करने पर यकीन रखते हैं। टिहरी जिले में 13 साल की एक बच्ची भी उन चंद गिने चुने लोगों में से है, जो बोलने नहीं बल्कि करने पर सकीन रखती है। इस बच्ची का नाम है प्रियांशी पंवार। प्रयांशी पंवार टिहरी जिले के झल्ड गांव की रहने वाली है और आज इस बेटी की तारीफ पूरे उत्तराखंड में होने लगी है। दरअसल प्रियांशी पंवार जब भी अपने स्कूल से घर की तरफ जाती, तो रास्ते में पड़ी गंदगी उसे हैरान और परेशान कर देती थी।
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जब प्रियांशी ने देखा कि कोई इस गंदगी और कूड़े करकट को साफ नहीं कर रहा, तो वो खुद ही इस काम में जुट गई। 13 साल की बच्ची सड़क पर फैली गंदगी को हटाकर अपने पहाड़ को स्वच्छ करने की मुहिम में जुटी, तो धीरे धीरे लोग उसके साथ जुटने लगे। प्रियांशी के परिवार ने भी इस काम में अपनी बेटी की मदद की। इसके लिए प्रियांशी क नाम से जामणीखाल में अलग अलग जगह कूड़ेदान की व्यवस्था की गई है। कस्बे में पुराने पड़े कूड़ेदान दीन-हीन हालत में हैं और उनकी किसी को फिक्र भी नहीं।
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अब प्रियांशी पंवार को अपने सपनों का पहाड़ दिख रहा है। साफ सफाई के लिए प्रियाशीं की मुहिम को हर किसी का साथ मिल रहा है। गर्व इस बात का होता है कि प्रियांशी जैसी बच्चियां आज हमारे पहाड़ और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। ऐसी बेटियां किसी और पर भरोसा ना कर खुद पर यकीन रखती हैं। किसी काम को खुद करने का बीड़ा उठाती हैं और समाज इन बेटियों के साथ जुट जाता है। शाबाश प्रियांशी...ऐसे ही पहाड़ का नाम रोशन करना।