गढ़वाल का आयुष बडोनी बनाम सचिन तेंदुलकर का बेटा अर्जुन तेंदुलकर...चैंपियन कौन?
Jul 29 2018 4:27PM, Writer:कपिल
एक लड़का...टिहरी गढ़वाल का, जिसका ना तो क्रिकेट में कोई गॉडफादर रहा और ना ही कोई ऐसा रिश्ता जो उसे क्रिकेट की गलियों की तरफ खींचता। उसने अपनी मेहनत जारी रखी और खेलता रहा। तब जाकर आयुष बडोनी का सलेक्शन भारत की अंडर-19 टीम में होता है। दूसरी तरफ देश के महान और दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का बेटा अर्जुन तेंदुलकर। अर्जुन को भला सलेक्शन की क्या जरूरत ? वो जहां हाथ रख दे उस टीम में खेल सकता है। पिता हैं ना ? तो दिक्कत किस बात की। खैर...अर्जुन तेंदुलकर और आयुष बडोनी भारत की अंडर-19 टीम से खेल रहे हैं। अब जरा इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नज़र डालिए। आयुष बडोनी ने 17 जुलाई से 20 जुलाई तक श्रीलंका के खिलाफ कोलंबों में हुए मैच में गेंद से भी कहर बरपाया और बल्ले से भी अपना दम दिखाया।
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आयुष बडोनी ने उस मैच की दोनों पारियों में 6 विकेट लिए। बल्लेबाजी से भी आयुष बडोनी ने सभी को हैरान कर दिया। लोवर मिडल ऑर्डर में आकर खेलते हुए इस पहाड़ी लड़के ने 185 रनों की जबरदस्त पारी खेली और वो भी नॉटआउट। इसी मैच में सचिन तेंदुलकर के बेटे ने सिर्फ दो विकेट लिए। बल्लेबाजी में तो पूछिए ही मत। अर्जुन तेंदुलकर ने एक भी रन नहीं बनाया। ये फर्क पहले ही मैच में दिख गया था। दूसरा मैच श्रीलंका के खिलाफ हंबनटोटा में हुआ। इस मैच में आयुष बडोनी 4 विकेट ले चुके हैं। अर्जुन तेंदुलकर इस मैच में 1 ही विकेट ले पाए हैं। टिहरी के सिलोर गांव के आयुष बडोनी क्रिकेट का एक ऐसा उगता सूरज हैं, जिसके रास्ते में कई मुश्किलें आई लेकिन अपने खेल से उन्होंने हर मुश्किल को पार किया। सिर्फ आयुष बडोनी ही नहीं पहाड़ के कई खिलाड़ी इस टीम में शामिल हैं।
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टीम में कप्तानी की जिम्मेदारी दो पहाड़ी लड़कों को सौंपी गई है। अर्जुन रावत और आर्यन जुयाल के हाथों में टीम की कमान है। दोनों ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी जीत हासिल करने के लिए अपना सब कुछ झोंक चुके हैं। दूसरी तरफ एक अर्जुन तेंदुलकर पर एक स्टार खिलाड़ी का बेटा होने का दबाव साफ दिख रहा है। अर्जुन को देखकर कभी कभी रोहन गावस्कर की याद आती है। ऐसा नहीं है कि हर महान क्रिकेटर का बेटा महान क्रिकेटर ही बनेगा। कभी कभी ये फैसला बच्चों के हाथ में छोड़ देना चाहिए। हाल ही में अर्जुन तेंदुलकर ने श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला विकेट लिया तो सोशल मीडिया पर हर किसी ने जबरदस्त तारीफ कर दी। एक विकेट लेने वाले अर्जुन तेंदुलकर की तारीफ हुई और 4 विकेट लेने वाले आयुष बडोनी बस एक दो अखबारों में ही सुर्खियां बटोर पाए। धन्य है भारत का क्रिकेट।