Video: ये है DM दीपक रावत के काम करने का अंदाज, बेबस छात्रा को तुरंत मिला इंसाफ
Jul 31 2018 7:42PM, Writer:कपिल
कहते हैं कि अगर जिलाधिकारी नेक और दबंग हो, तो जिले में कोई भी गलत काम करने से पहले सौ बार सोचेगा। डीएम दीपक रावत वो चेहरा हैं, जो अपने इसी तरह के काम करने के अंदाज से लोकप्रिय हैं। हाल ही में क्या हुआ, जरा ये भी जान लीजिए। एक छात्रा ने बड़ी मुश्किल से अपनी बहन का एडमिशन एक स्कूल में करवाया और स्कूल ने दो दिन के भीतर ही उसकी बहन को स्कूल से निकाल दिया। इसके बाद जो फीस जमा करवाई थी, उसे देने से भी इनकार कर दिया। बिना वजह और बेमतलब के एक बेटी परेशान हो गई थी। छात्रा से स्कूल द्वारा 4 महीने की फीस 3200 रुपये और एडमिशन की फीस 3700 रुपये ली गई थी। गड़बड़छाला ये है कि स्लिप पर एडमिशन फीस 3200 रुपये लिखी गई। कुल मिलाकर होते हैं 6900 रुपये।
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हरिद्वार के ऋषि इंटर कॉलेज में इस बेटी ने अपनी बहन का एडमिशन करवाया था। दो दिन उसकी बहन स्कूल गई थी और उसके बाद जबरन उसे स्कूल से निकाल दिया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बेटी ने स्कूल के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद इस बेटी को कोई कॉल करता है और कहता है कि 3200 रुपये वापस नहीं हो सकते, 3700 रुपये वापस करा दिए जाएंगे। इसके बाद वो जब वो बेटी स्कूल में पैसे लेनी गई तो उससे कहा गया कि ‘एक पेपर में लिख कर दो कि संस्था से आपका कोई झगड़ा नहीं है’। एप्लीकेशन में बेटी ने लिखना चाहा कि ‘मुझे 3700 रुपये प्राप्त हुए हैं’, तो स्कूल प्रशासन ने कहा कि ‘एप्लीकेशन में अमाउंट मत लिखिए’। इससे तंग आकर इस बेटी ने डीएम दीपक रावत के जनता दरबार में अपनी बात बताई।
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DM दीपक रावत ने सीधा सवाल किया कि आपने कितने पैसे दिए ? छात्रा ने जवाब दिया कि 6900 रुपये। तुरंत डीएम रावत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया कि ये पैसे कल ही वापस हो जाने चाहिए। तुरंत आदेश दे दिया गया कि अगर ये पैसे वापस नहीं हुए तो पुलिस विभाग व्यक्तिगत रूप से स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्द करवाइए। दीपक रावत ने एक कागज पर अपना नंबर लिखा और उस बेटी को दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक दिन के भीतर आपको पैसे वापस नहीं मिले, तो मुझे बस एक एसएमएस कर दीजिएगा। उस छात्रा ने कहा कि सर मुझे धमकी भी मिल रही है, तो डीएम दीपक रावत ने कहा कि उसकी चिंता मत करो, मैं यहां हूं। 24 घंटे के भीतर ही उस बेटी को इंसाफ मिला और उसके पैसे वापस हुए। ये है डीएम दीपक रावत के काम करने का तरीका, जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है।