चमोली जिले के वैज्ञानिक ने दुनिया को दिया बड़ा तोहफा, अब मन की बात समझेगा कंप्यूटर
Aug 1 2018 3:35PM, Writer:मिथिलेश
पहाड़ के एक वैज्ञानिक ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि दुनियाभर में इस रिसर्च की तारीफ हो रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं चमोली जिले के भाटियाना गांव के मूल निवासी भगवती प्रसाद जोशी की। डॉक्टर भगवती प्रसाद जोशी के शोध को दुनिया भर के प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों ने सराहा है। उन्होंने एक ऐसी रिसर्च की है कि अब कंप्यूटर आसानी से दिमाग की बात समझेगा। इतना समझ लीजिए कि आपके दिमाग में जो कुछ भी चल रहा होगा, उसे आपका कंप्यूटर आसानी से समझेगा और आपके इशारे पर काम करेगा। डॉ. जोशी ने प्रोफेसर मैनहार्ट, मैक्स प्लांक इंस्टिट्यूट और जर्मनी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर दुनिया में पहली बार ऐसा काम कर दिखाया है। इलेक्ट्रोलाइट को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बदलने के लिए एक बड़ा शोध किया गया है।
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डॉक्टर भगवती प्रसाद जोशी का ये शोध न्यूरोमोर्फिक कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। इसके बारे में उन्होंने बताया कि ‘हमारे दिमाग में न्यूरॉन्स से सूचनाओं का आदान-प्रदान आयनों के संचार से होता है। इस तकनीक से कंप्यूटिंग डिवाइस और हमारे दिमाग के बीच संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी। न्यूरोमोर्फिक कंप्यूटिंग डिवाइस इंसान के मस्तिष्क की कार्यक्षमता से प्रेरित होता है। ये डिवाइस कंप्यूटर ऑपरेट करते हुए ना केवल निर्देशों का पालन करेगा बल्कि जहां आप गलत होंगे, वहां आपकी गलती को सुधारने का भी काम करेगा। डॉ. भगवती प्रसाद जोशी अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी बर्कले में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वो अमेरिका मे एडवांस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
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डॉक्टर भगवती प्रसाद जोशी के पिता रिटायर्ड शिक्षक हैं। डॉ. जोशी ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी किया है। साल 2015 में उन्होंने ब्रिटेन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की। पीएचडी के बाद उन्होंने मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर सॉलिड स्टेट में प्रोफेसर मैनहार्ट के साथ एक वैज्ञानिक के रूप में काम किया। काफई वक्त से वो इस तकनीकि पर काम कर रहे थे। आखिरकार उन्होंने इस काम में सफलता हासिल की है। उनके इस शोध की दुनियाभर के वैज्ञानिक तारीफ कर रहे हैं। इसके साथ ही उनके घर और गांव में खुशी का माहौल है। हर तरफ से परिवार को शुभकामना संदेश आ रहे है। वास्तव में पहाड़ की ऐसी प्रतिभाओं पर गर्व होता है, जो अपने कामों से देश और दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।