खुशखबरी: उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में भी नौकरियां उपलब्ध करायेगा उपनल
Aug 2 2018 3:48PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बेहतरीन खबर निकल कर आ रही है। आने वाले दिनों में यदि राज्य के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उपनल के माध्यम से विदेश में नौकरी करने का मौका मिले तो आश्चर्य मत कीजिऐगा। जी हां, सरकार की इस योजना को पंख लगे तो ये बहुत जल्दी ही सम्भव है। विदेशों में नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार रास्ता बनाने जा रही है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक़ उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) को इसकी जिम्मेदारी दी जायेगी। विदेशों में सेवाएं देने के लिए उपनल को रिक्रूटमेंट एजेंसी का लाइसेंस दिलाया जाएगा। इसके बाद उपनल देश की अन्य कंपनियों की तर्ज पर विदेशी की कंपनियों को आउटसोर्स सेवाओं के लिए सीधा संपर्क कर सकेगा। सरकारी सूत्रों की माने तो उपनल से इस बाबत प्रस्ताव ले लिया गया है और अभी इसका अध्ययन किया जा रहा है।
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उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार देने के लिए कोशिश की जा रही है कि इस योजना को जल्द से जल्द लागू कर दिया जाए। मालूम हो कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण विभाग को राज्य के बेरोजगारों के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर तलाशने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में उपनल के जरिए 20 हजार से ज्यादा सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों में आउटसेार्स पर सेवाएं दे रहे हैं। खाड़ी देशों में भारत से बड़ी संख्या में लोग मेडिकल, इंजीनियरिंग, सुरक्षा सेक्टर में सेवाएं दे रहे हैं। राज्य में भी ऐसे युवाओं की संख्या कम नहीं है जो मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित हैं। लेकिन मौका न मिल पाने की वजह से वो विदेश नहीं पाते। इसी प्रकार सुरक्षा कर्मी के रूप में राज्य के पूर्व सैनिकों के लिए काफी संभावनाएं हैं। उपनल के मार्फत सरकार सीधा-सीधा इस व्यवस्था से जुड़ी होगी।
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इससे जहां नौकरी पर जाने वाले युवा का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। वहीं विदेशी कंपनियां भी कर्मचारी की काबिलियत और निष्ठा को लेकर आश्वस्त रहेंगी। निजी कंपनियों के स्तर से होने वाली लूटखसोट से बेरोजगार बच सकेंगे। राज्य के मेधावी युवाओं को करियर के बेहतर विकल्प देने के लिए सरकार ने इस दिशा में पहल की है। इस पूरे मामले में प्रमुख सचिव- सैनिक कल्याण आनंद वर्द्धन ने मीडिया को बताया कि भारत के कई राज्यों में विदेशों में आउटसोर्स सेवाओं के लिए पूरा सरकारी ढांचा बना हुआ है। सम्बंधित पैनल से इस बाबत प्रस्ताव मिल गया है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। जैसी भी संभावनायें बनेगी उस हिसाब से काम किया जाएगा।