पहाड़ की बेटी..बिना कोचिंग के बनी UPSC टॉपर, पहली ही बार में मिली बड़ी कामयाबी
Aug 6 2018 5:25PM, Writer:कपिल
ये बेटियां ही हैं, जिन्होंने उत्तराखंड का नाम देशभर में बुलंद किया है। इनके बारे में जितनी तारीफ की जाए, वो कम है। हम आपके सामने हर बार कुछ ऐसी कहानियां लेकर आते हैं, जो दिलचस्प, रोचक और प्रेरणादायक हैं। ये हैं पौड़ी गढ़वाल के बैंग्वाड़ी गांव की रहने वाली प्रतिष्ठा ममगाईं। प्रतिष्ठा के पिता मेजर जनरल सुरेश ममगाईं हैं, जो अब रिटायर हो चुके हैं। इसके अलावा प्रतिष्ठा की मां परमेश्वरी ममगाईं पेशे से शिक्षिका हैं। गर्व की बात ये है कि इस बेटी ने बिना किसी कोचिंग के UPSC परीक्षा में सफलता पाई है। देशभर के टॉपर में प्रतिष्ठा का 50वां नंबर है। जब प्रतिष्ठा के गांव के लोगों को इस बारे में पता चला तो बधाई देने वालों का तांता लग गया था। प्रतिष्ठा का गांव बैंग्वाड़ी पौड़ी गढ़वाल से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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UPSC परीक्षा के फाइनल रिजल्ट अप्रैल के महीने आई थे। प्रतिष्ठा कहती हैं कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के ये मुकाम हासिल किया। खुद पढ़ाई की और खुद ही मेहनत की। माता-पिता ने इस काम में बेटी का भरपूर साथ दिया। प्रतिष्ठा की शुरुआती पढ़ाई लोरेटो कोनवेंट स्कूल दिल्ली से हुई। इसके बाद उन्होंने सैंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से इकॉनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद प्रतिष्ठा खुद ही UPSC की तैयारियों में जुट गई थीं। प्रतिष्ठा के पिता सुरेश ममगाईं कहते हैं कि उनकी बेटी ने अपने परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे पौड़ी जिले का नाम रोशन किया है। खुशी इस बात की है कि ये बेटी अब देश की सेवा करेगी। आपको बता दें कि इसी परीक्षा में उत्तराखंड की अपूर्वा पांडे ने 39 रैंक हासिल की थी। गर्व है पहाड़ की इन बेटियों पर, जो अपनी मेहनत से नया मुकाम हासिल कर रही हैं।