पहाड़ का जन्मेजय..देश का इकलौता युवा नेता, जो ताइवान में बुलंद करेगा आवाज़
Aug 11 2018 6:43PM, Writer:कपिल
पहाड़ के कुछ युवा साबित कर रहे हैं कि अगर रास्ता सही है तो, राजनीति गलत नहीं हो सकती। ऐसे ही एक युवा हैं जन्मेजय तिवारी। जन्मेजय उत्तराखंड छात्र संगठन से जुड़े रहे हैं और लोकतांत्रिक संगठनों में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा चुके हैं। आपको जानकर गर्व होगा कि जन्मेजय तिवारी भारत के अकेले ऐसे युवा हैं, जिनका चयन यंग लीडर्स फॉर डेमोक्रेसी के सम्मेलन के लिए हुआ है। जी हां...भारत से इस सम्मेलन के लिए सिर्फ एक युवा का चयन हुआ है। जन्मेजय तिवारी 14 से 22 अगस्त तक ताइवान की राजधानी ताइपे में हो रहे इस सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके लिए जन्मेजय तिवारी निकल पड़े हैं। उत्तराखंड में पत्रकारिता तथा सामाजिक आंदोलनों में प्रभावी भूमिका निभाने वाले पी सी तिवारी के सुपुत्र हैं जन्मेजय तिवारी। पीसी तिवारी फिलहाल में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष भी हैं।
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मूल रूप से अल्मोड़ा के रहने वाले जन्मेजय ने अपनी पढ़ाई लिखाई भी अल्मोड़ा से की और इसके बाद कुमाऊं यूनिवर्सिटी ले ग्रेजुएशन किया। सामाजिक सरोकारों के लिए जूझने की प्रेरणा विरासत में मिली है। सामाजिक आंदोलनों और छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी करते हुए वे पढ़ाई के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थानों की मजबूती और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए भी कार्य कर रहे हैं। बीते साल वो इंग्लैंड के लिवरपूल में पर्यावरणीय चिंताओं पर आयोजित यंग ग्रीन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी भाग ले चुके हैं। यहाँ उन्हें एशिया-प्रशांत के यंग ग्रीन की 8 सदस्यीय संचालन समिति के लिए चुना गया था। अब जन्मेजय ताइवान जा रहे हैं और वहां पांचवें एशिया यंग लीडर्स फॉर डेमोक्रेसी में युवाओं की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में भूमिका पर व्यापक चर्चा होगी।
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बताया जा रहा है कि उसमें सक्रिय तथा सृजनात्मक भूमिका के लिए युवा अपनी भागीदारी का एक रोडमैप भी तैयार करेंगे। गर्व होता है ऐसे युवा नेताओं पर।
ये लेख पहाड़ के वरिष्ठ पत्रकार रमेश पहाड़ी के ब्लॉग से लिया गया है