जय देवभूमि: किसान के बेटे को सलाम..फौज में क्लर्क था, लेकिन अफसर बनकर दिखाया
Aug 16 2018 9:43AM, Writer:कपिल
पहाड़ के किसान का बेटा का बेटा, जिसने अपनी जिंदगी में हर मुश्किल घड़ी का सामना किया। लहर बार वो मुश्किलों से दो-चार हुआ और हर बार गिरकर संभला। खुद चोट खाई, खुद उठा और चला। तब जाकर उसने ये मुकाम पाया। राज्य समीक्षा की कोशिश रहती है कि आप तक कुछ ऐसी कहानियां लेकर आएं, जो प्रेरणादायक हों। हाल ही में पहाड़ के बेटे ने ऐसा ही काम कर दिखाया। स्वतंत्रता दिवस पर अपने परिवार, अपने गांव, अपने उत्तराखंड और अपने देश के लिए इससे बेहतर तोहफा क्या हो सकता है। नैनीताल के ढौन गांव के रहने वाले दिनेश की कहानी आज के दौर के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। दिनेश के पिता बच्ची सिंह पेशे से किसान हैं। इसलिए दिनेश ने भी अपनी जिंदगी में हर वो दौर देखा, जो आमतौर पर एक गरीब परिवार देखता है।
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दिनेश खाती ने सरकारी स्कूूल भीड़ापानी 10वीं तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद वो इंटर करने के लिए अल्मोड़ा चले गए। इसके बाद दिनेश ने ग्रेजुएशन के लिए डीएसबी नैनीताल कैंपस में एडमिशन लिया। यहीं से ही दिनेश ने सेना में अफसर बनने का ख्वाब देखा। बस फिर क्या था..दिनेश ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दीं। साल 2004 में दिनेश की सेना में क्लर्क बने। इसके बाद भी उन्होंने सेना में अफसर बनने का ख्वाब नहीं छोड़ा। वो लगातार मेहनत करते रहे और आखिरकार कामयाबी हासिल कर ली। अपनी मेहनत और लगन से SSB क्लीयर कर ली। IMA देहरादून से ट्रेनिंग लेने के बाद दिनेश खाती 11 अगस्त 2018 को पास आउट हुए। अपने परिवार को अपना आदर्श मानने वाले दिनेश कहते हैं कि बिना परिवार के सहयोग के वो ये काम पूरा नहीं कर सकते थे।