पहाड़ के सरकारी स्कूलों की हालत सुधरेगी, माध्यमिक शिक्षा में बड़े फेरबदल की तैयारी
Aug 22 2018 4:25PM, Writer:रश्मि पुनेठा
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। खासतौर पर पहाड़ में तो बहुत बुरा है। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग इस और ठोस कदम उठाने की कवायद में जुट गया है। विभाग ने पहले की व्यवस्थाओं को खत्म कर नई व्यवस्था पर काम करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत पहाड़ के कम छात्र संख्या वाले स्कूल में तैनात शिक्षकों को बाकी स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विभाग के इस कदम से उन स्कूलों को भी राहत मिलेगी जहां शिक्षकों की मांग की जा रही है। जानकारों का कहना है कि इससे छात्रों की संख्या बढ़ेगी और शिक्षकों की कमी भी नहीं खलेगी। बता दें कि बीते साल प्रदेश सरकार ने कम छात्रों वाले प्राइमेरी स्कूलों को समायोजित करने की कार्रवाई की थी। इस बार माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को समायोजित करने की तैयारी हो गई है।
यह भी पढें - Video: पहाड़ के इस शिक्षक को सलाम, जो 8 बच्चों को पढ़ाने के लिए हर दिन मौत से लड़ता है
बताया जा रहा है कि सरकार ने कुमाऊं मंडल के जिला शिक्षाधिकारियों से 50 और 100 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में तैनात शिक्षकों की लिस्ट मांगी गई है। जिसके बाद ही विभाग की तरफ से इस और कोई ठोस कदम उठाया जाएगा। जिला शिक्षाधिकारियों को इस बारे में पत्र भेज दिए गए हैं। ये लिस्ट ब्लॉक स्तर से तैयार होगी और फिर जिला स्तर पर रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसके बाद मंडलीय कार्यालय को ये लिस्ट भेजी जाएगी। इसके बाद इसे सरकार को भेजा जाएगा। अगर हम संख्या की बात करें तो कुमाऊं मंडल में हाईस्कूल की संख्या 419 है, जबकि इंटरमीडिएट स्कूल 552 हैं। कुल छात्रों की संख्या 1,50627 है। इन स्कूलों में प्रवक्ताओं के 2185 पद और एलटी शिक्षकों के 1289 पद खाली हैं।