उत्तराखंड में नदियों के किनारे भूमि आवंटन पर रोक, 6 हफ्तों के भीतर होगी कार्रवाई!
Aug 25 2018 12:26PM, Writer:रश्मि पुनेठा
उत्तराखंड में नदियों के किनारे अब किसी भी तरह का भूमि आवंटन नहीं होगा। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य की सभी नदियों के किनारे ज़मीन आवंटन पर सख्त रुख अपनाते हुए रोक लगा दी है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने सरकार और राजस्व सचिव को मामले की जांच कर तीन महिने में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस बात कि जांच की जाएं की नदी किनारे की कितनी जमीन पर धारा 132 के खिलाफ आवंटन किया गया है। वही कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि नदी के किनारों की ज़मीन के आवंटन को निरस्त करने के साथ ही बेदखली की कार्रवाई नोटिस देकर करें। इसके साथ ही कोर्ट ने राजस्व सचिव को आदेश दिया है कि 6 हफ्तों के अंदर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने को कहा है।
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अब ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल समेत पूरे राज्य की नदी श्रेणी की जमीन पर हुए कब्जे और निर्माण पर तलवार लटक गई है। नैनीताल हाईकोर्ट में देहरादून के पवन कुमार ने इस मामले को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें कहा गया कि प्रदेश की सभी नदियों के किनारें की ज़मीनों का आवंटन नियमों के खिलाफ किया गया है। ऐसे सभी आवंटनों को रद्द कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने राज्य में नदियों के किनारें कृषि भूमि के आवंटन पर रोक लगा दी। जबकि राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि नदी किनारे की जमीन का आवंटन नहीं किया गया है। जहां कहीं ऐसे मामले सामने आए वहां कार्रवाई करते हुए उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया है।