पहाड़ में हड़कंप..आंगन में खेल रही थी 4 साल की बच्ची, खा गया आदमखोर गुलदार!
Sep 4 2018 11:04AM, Writer:कपिल
विपदा और आपदा क्या होती है ? ये पहाड़ के उन लोगों से पूछिए जो आपदा से डर से पल-पल खौफ में जी रहे हैं, तो खूंखार जंगली जानवरों के डर से डर डर कर कदम रख रहे हैं। जो दर्दभरी दास्तान हम आपको बताने जा रहे हैं वो बागेश्वर जिले की है। बागेश्वर जिले के सैलखानीयारी गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। इस गांव के एक घर में चार साल की ज्योति आंगन में खेल रही थी। पिता चतुर सिंह पैरियार की दुलारी ज्योति की किलकारियों से घर-आंगन गूंजा करता था। लेकिन कौन जानता था कि उस बेगुनाह बच्ची की किस्मत क्रूर काल की कलम से लिखी गई है। शाम के करीब साढ़े सात बज रहे थे और मासूम ज्योति अपने आंगन में खेल रही थी। अचानक घात लगाकर बैठा एक गुलदार उसे आंगन से उठाकर ले गया।
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घर वाले कुछ समझ पाते, इससे पहले ही गुलदार आंखों के आगे से ओझल हो गया। घटना की जानकारी परिजनों को मिलते ही उनके होश उड़ गए। शोर मचाया तो गांव वाले इकट्ठे हुए। सभी उस दिशा में दौड़े, जहां गुलदार गया था। लेकिन ना तो गुलदार का पता चला और ना ही मासूम बच्ची का। रो-रोकर परिजनों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी शुरू हो गई। करीब डेढ़ घंटे के बाद गांव से कुछ दूरी पर मासूम ज्योति की लाश क्षत-विक्षत हालत में दिखी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मियों को दी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों का आक्रोश उफान पर है। हैरानी की बात तो ये है कि बीते एक साल में ये तीसरी घटना है, जब मासूम बच्चे गुलदार का शिकार बने हैं।
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घटना के बाद भी वन विभाग लगातार लापरवाही बरत रहा है। यहां तक कि गांववाले अब आंदोलन करने के लिए भी मजबूर हो गए हैं। उधर वन विभाग का कहना है कि जल्द ही गुलदार को पकड़ा जाएगा। ये तस्वीरें देखिए।
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Posted by Deव-भूमि महान on Monday, September 3, 2018