image: land slide and cloud burst in chamoli

उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने से तबाही, मौसम के कहर ने मचाया हड़कंप!

Sep 7 2018 3:39PM, Writer:कपिल

लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन अब उत्तराखंड के लिए आफत बन गई है। बीते एक महीने में ना जाने कितनी जगहं से बादल फटने की खबरें सामने आई हैं। पिथरौगढ़, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, ऋषिकेश और देहरादून समेत कई जगहों पर बादल फटे और लोगों में हड़कंप मच गया। इन तमाम घटनाओं में कई जानें भी जा चुकी हैं। इस बीच चमोली जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही बारिश से चमोली जिले घाट क्षेत्र के सगोला बगड़ में बादल फट गया। इसके बाद लागों ने इधर उधर भागकर अपनी जान बचाई। पहाड़ी से आए मलबे में कई गौशालाएं तबाह हो गई। कई मवेशी इस आपदा में मारे गए हैं। गांव वालों की कृषि भूमि को काफी नुकसान हुआ है। क्या आप जानते हैं कि इस साल आपदा और मानसून में उत्तराखंड में 37 लोगों की मौत हो चुकी है ?

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एक रिपोर्ट कहती है कि उत्तराखंड में इस साल मानसून ने जमकर कहर बरपाया है। मानसून के दौरान अब तक प्रदेश में 37 लोग मारे जा चुके हैं। अकेले पिथौरागढ़ में इस बार 8 लोग मारे गए हैं। चमोली में 6, टिहरी में 9, पौड़ी में 1, उत्तरकाशी में 1, नैनीताल में 2, चंपावत में 1, देहरादून में 8, उधमसिंह नगर में 3, हरिद्वार में 1 और अल्मोड़ा में 1 मौत हुई है। यानी आंकणों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा लोग पर्वतीय जिलों में मारे गए। बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 45 परिवार बेघर हो चुके हैं। 237 घरों को नुकसान पहुंचा है। 38 मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस वक्त पूरे उत्तराखंड में भूस्खलन से 70 से ज्यादा सड़कों पर आवाजाही बाधित है। उधर मौसम विभाग ने एक बार फिर से चेतावनी दी है कि आज भी उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित रहेगा।

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9 सिंतबर से एक बार फिर उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। अब आपको ये भी बता देते हैं कि 9 सितंबर से उत्तराखंड के किन किन जिलों को सावधान रहने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों के जिलों जैसे रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर , पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल के लोगों को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। बदरीनाथ मार्ग पर लामबगड़ में रुक-रुक कर पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। सीमा सड़क संगठन के जवान मलबा हटाने में जुटे हैं। एसडीआरएफ की देखरेख में वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। जिलाधिकारियों के माध्यम से पीड़ितों को राहत दी गई है। इतना जरूर है कि अभी मुसीबत टली नहीं है। इसलिए आप भी सावधान रहें तो किसी भी दुर्घटना के वक्त आपदा विभाग को जरूर सूचित करें।


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