image: 19 lakhs cheated by pretending to be the District Magistrate

Uttarakhand: DM बताकर ठग ने ऐसा लूटा कि विधवा हो गयी महिला, सदमे में चली गई पति की जान

पीड़ित महिला ने बताया कि 19 लाख रुपये ठगने के बाद आरोपियों ने फिर से 7 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों की इस मांग पर उसके पति सदमे में आकर मानसिक रूप से बीमार रहने लगे, जिसके चलते 15 जनवरी 2025 को उन्हें ब्रेन अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई।
Jul 23 2025 9:15PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

यहां एक विधवा महिला ने श्यामपुर निवासी एक व्यक्ति पर खुद को डीएम बताकर उनसे 19 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। आरोपियों की ठगी करने के सदमे के कारण महिला के पति को ब्रेन अटैक पड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई और अब वे महिला और उसके बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपित व्यक्ति, उसकी पत्नी और बेटी के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

19 lakhs cheated by pretending to be the District Magistrate

जानकारी के अनुसार, ज्योति बिष्ट पत्नी स्व. सुरेश सिंह बिष्ट, ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर की अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें बताया गया है कि वो ओम कुंज विहार कालोनी, कुंडेश्वरी, काशीपुर की निवासी हैं। उन्होंने बताया है कि उनके पति सुरेश सिंह बिष्ट काशीपुर में प्रॉपर्टी डीलर के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2023 में, श्यामपुरम कालोनी के निवासी राघवेन्द्र कुमार मिश्रा, जो नित्यानन्द मिश्रा के पुत्र हैं, ने उनके पति से संपर्क किया और प्लॉट खरीदने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद, उनके पति ने राघवेन्द्र को कई प्लॉट और जमीनें दिखाईं। इस दौरान, राघवेन्द्र मिश्रा ने उनके पति के साथ मित्रता कर ली और फिर उनका घर आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपित राघवेन्द्र मिश्रा ने उनके पति को बताया था कि वो डीएम हैं, लेकिन उनकी अभी पोस्टिंग नहीं हुई है और फिलहाल वे पंतनगर में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

बच्चों की नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे लाखों रूपये

महिला ने बताया कि आरोपित राघवेन्द्र ने उसके पति को पंतनगर से खाद्य उर्वरक (कृषि दवाओं) की एजेन्सी दिलवाने और उसके बच्चों की नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया, और बदले में उनसे लाखों रूपये ठगे। महिला ने बताया कि उसके पति ने अपने बेटे वैभव बिष्ट और हार्दिक बिष्ट के खाते से 1,93,800 रुपये, उसके खाते से 2,01,479 रुपये, अपने सगे भतीजे हर्षित बिष्ट के खाते से 15,000 रुपये और अपने सगे साले हिमांशु घिल्डियाल के खाते से 2,20,000 रुपये, अपनी भांजी के पति गौरव जलाल पुत्र हीरा सिंह जलाल निवासी नई दिल्ली के खाते से 1,00,000 रुपये, अलग-अलग तिथियों में आरोपी राघवेन्द्र कुमार मिश्रा और उसकी गोद ली गई पुत्री अंशिका तिवारी के खाते में ट्रांसफर करवाए। इसी तरह से आरोपियों ने ज्योति बिष्ट के पति सुरेश सिंह बिष्ट से 7,30,279 रुपये की ठगी की है।

3 लाख रुपये लेकर बनाए फर्जी प्रमाण

पीड़िता ज्योति बिष्ट ने बताया है कि आरोपी राघवेन्द्र कुमार मिश्रा ने उसके पति से बच्चों के कुछ जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए लगभग 3 लाख रुपये नकद लिए। जब उसने प्रमाण पत्रों की मांग की, तो राघवेन्द्र मिश्रा ने फर्जी प्रमाण पत्र बना कर उसे दे दिए। इसके अलावा, राघवेन्द्र कुमार मिश्रा और अंशिका तिवारी ने बार-बार नौकरी दिलाने का आश्वासन देते हुए पीड़ित परिवार से और पैसे की मांग की। जिसके बाद वर्ष 2024 में उसके पति राघवेन्द्र कुमार मिश्रा के घर पर पहुंचे। उस समय आरोपी राघवेन्द्र के घर पर काशीपुर निवासी पेंटर राजू, पुत्र मान सिंह और दभौरा मुस्तहकम मौजूद था। महिला के पति ने उनके सामने 6,50,000 रुपये नकद राघवेन्द्र कुमार मिश्रा को दिए।

ब्रेन अटैक आने से पति की मौत

ज्योति बिष्ट ने अदालत को सूचित किया कि आरोपियों ने मिलकर उनसे बच्चों की नौकरी दिलाने, फर्जी प्रमाण पत्र बनाने और खाद्य उर्वरक (कृषि दवाओं) की एजेंसी दिलवाने के नाम पर कुल 19,80,279 रुपये ठगने के बाद जनवरी 2025 में फिर से और 7 लाख रुपये की मांग की। जब उसके पति ने कहा कि अभी व्यवस्था नहीं है, तो आरोपियों ने कहा कि यदि आप 7 लाख रुपये और नहीं देंगे तो आपके द्वारा पहले दिया गया पैसा समाप्त हो जाएगा। आरोपियों द्वारा की गई 7 लाख रुपये की मांग पर उसके पति सदमे में आकर मानसिक रूप से बीमार रहने लगे, जिसके चलते 15 जनवरी 2025 को उन्हें ब्रेन अटैक आया। 16 जनवरी को उन्हें मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चला और 22 जनवरी 2025 को महिला के पति की मृत्यु हो गई।

धारा 420, 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज

ज्योति ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद जब उन्होंने आरोपी राघवेन्द्र कुमार मिश्रा से अपने पैसों की मांग की, तो वे लोग झगड़े पर उतारू हो गए और उसे तथा उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पीड़िता ने कहा कि राघवेन्द्र कुमार मिश्रा, उसकी पत्नी प्रीति मिश्रा और उनकी गोद ली गई बेटी अंशिका तिवारी आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं। आरोपियों ने इससे पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की है। पीड़ित महिला ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट के आदेश पर आइटीआइ थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 420, 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


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